Lachaman Ke Re Ban Lagyo Re Sakti ,
लिक्ष्मण के रे बाण लग्यो रै सगती रे लिछमण के, लग्यो रे सक्ती रे पडयो रे धरतीरे लिछमण के, ऐसो कोई वीर हो जो लिछमण न जिवावे रे आधो आधो राज सवाई धरतीं रे के तो जिवावै माता सीता सतवंतीरे, के तो जिवावे हणुमान जती रे ,लिछमण के काहे”से जिवावे रे, माता सीता सतवंतीरे , […]