Mata Ji

Hello Marle Aavegi Maiya

हेलो मार लै, आवैगी मैय्या सिंह चढ़ कै, हेलो मारलै….. बैठय्या शरण मांहिं, माथो अपणो टेक के । भागी आसी गलै लगासी -2, सेवक देख के ।। हेलो मारलै…. सगलां नै सम्भालै मैय्या, थांनै भी सम्भाल सी टाबर भौला मैय्या स्याणी – 2, आफत टालसी हेलो मारलै. ऐसे बोले वैसे बोलै, क्याणै दीदो खोवै रे […]

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Jhilmil Jhilmil Chunari Me Tara Chamke

झिलमिल झिलमिल चुनड़ी मे तारा चमके, आज्या ए भवानी थांरा सेवक तरसे।। लाल सुरंगी मेंहदी थारै, हथेल्या राचै लाल, धाम है थांरो ओसिया माता मंदिर बण्यो विशाल, सिंह पर बैठ्या माताजी न सेवक निरखे, आज्या ए भवानी. हाथां सोव लाल चुड़ो मां, गल बीच नौसर हार, लाल कसुमल कब्जो सोव, लम्पी की बहार, काना मांही

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Chalo Chalo Ma Ke Dham

(तर्ज : धमाल) ओ हो ओसियां (मोरखाना)चालो रे साथीड़ा मां के धाम चालां रे, ओसियां( मोरखाना)चालां रे । ओ हो धाम तू चालै रै, मां के धाम चालां रे।। ओसियां (मोरखाना)चालां रे ।। सोने रै सूरज री शोभा, सांचल मुख दीपायो रे । रतन सिंहासन मात बिराजै, देवा चंवर दुलावै रे। हो SSS चौसठ जोगनी

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Bhakto Ko Darshan De Gayi

(तर्ज : चलत मुसाफिर मोह लिया…..) भक्तों को दर्शन दे गई रे, एक छोटी सी कन्या ।। छोटी सी कन्या-2 भक्तो ने पूछा मैय्या, नाम तेरा क्या है? “सच्चियाय”(सुसवानी) नाम बता गई रे, एक छोटी. भक्तो ने पूछा मैय्या, धाम तेरा कहां है? ओसियां(मोरखाना) गांव, बता गई रे, एक छोटी भक्तो ने पूछा माँ, प्रसाद

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Aayo Navratri Ro Tyohar, Badhai,

(तर्ज : अंजनी माँ रै हुयो……) आयो नवरात्रा त्यौहार, बधाई सारे भक्ता नै, पावन ओसिया गांव, बधाई सारे भक्ता नै, आज यो आगणो, धन्य हुयो है, नवरात्रा प्रारम्भ हुया है, नाचो रे नाचो दे दे ताल, – 2 बधाई सारे भक्ता नै. खुशखबरी आ, सवने सुणावां, झुमा रे नाचा म्हें तों मौज मनावां मैयाजी आई

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Kabhi Fursat Ho To Jagdambe

(तर्ज : बाबुल की दुआयें लेती जा….) कभी फुरसत हो तो जगदम्बे, निर्धन के धर भी आ जाना, जो रूखा सुखा दिया हमें, माँ उसका भोग लगा जाना।। ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनड़ी घर में तारों जड़ी, ना पेड़े बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है नैन बिछायै खड़ी, इस श्रद्धा की

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Jag Dambe The To Aakr Odho A

(तर्ज : बाईसा रा बीरा) जगदम्बे थे तो आकर ओढ़ो ए, थारा सेवक ल्याया मां, तारा री चुनड़ी। सुहागण मिल, चाव से बांधी ए, श्रद्धा क रंग में रंगाई चुनड़ी ।।1।। सुर तांरो झीणों, पोत मंगायो ए, मनड़े की पेटी म, आ आई चुनड़ी ।।2।। आशा का तारा, खूब लगाया ए, मोती की लुमा, लगाई

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Mehandi Rachi Thare Hatha Me

(Lay -mehandi rachi thare) मेंहदी रची थारे हाथां में, घुल रह्यो काजल आंख्या में, चुनड़ी को रंग सुरंग मां सांचल मां-2, फूल खिले थारे बागा में, चांद उग्यो मां रातां मं, थारो इस्यो सुहाणो रूप, मां सांचल मां ।। थारो इस्यो. रूप सुहाणो जद स देख्यो, नींदड़ली नहीं आंख्या मं। म्हारे मन पर जादू करग्यो,

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Ye Gote Dar Chunari Aaja Ma Odh Ke

ये गोटेदार चुनरी आजा मां ओढ के2,मेरे घर आजा मैया मंदिर को छोड़ के 1 शंकर भि आए मैया गणपति आए2 गौरा भी आई मैया पर्वत को छोड़ के, 2 ब्रह्मा भी आए मैया विष्णु भी आए 2 लक्ष्मी भीआई मैया सागर को छोड़ के 3 राम भी आए मैया लक्ष्मण भी आए,2सीता भी आई

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Rakh De Sar Par Hath ,

रख दे सर पे हाथ मैय्या तेरा क्या घट जायेगा (तर्ज : एक तेरा साथ हमको) रख दे सर पे हाथ मैय्या, तेरा क्या घट जाएगा, ये भक्त भी तर जाएगा। छोड़ तेरा द्वार मैय्या, और कहां ये जाएगा, ये भक्त भी तर जाएगा, रख दे सर पर हाथ. दे दिया तुमने, सबको सहारा मां,

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