Mata Ji

“Jis Din Maiya Ji Tera Darshan Hoga

जिस दिन मैय्या जी तेरा दर्शन होगा तर्ज : झिलमिल सितारों … जिस दिन मैय्या जी तेरा दर्शन होगा, उस दिन सफल मेरा जीवन होगा, तन मन मेरा तुझको अर्पण होगा, उस दिन मेरे मन के मंदिर में, मै तुझ को बिठाऊंगा, भाव भरे उपहार तेरे, चरणों में चढ़ाऊंगा, अंसूअन की धारा से वंदन होगा, […]

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“Osiya Bulao Ji”

ओसियां बुलाओ जी (तर्ज : लोकगीत) ओसियां बुलाओ जी, ओ मैय्या म्हानै ओसियां बुलाओ जी, ओसियां आस्या दर्शन पास्या, सोया भाग्य जगास्या जी ।। जो भी थारै द्वारें आवै, खाली हाथ न जावै, म्हे भी थारै द्वारें आस्या, खाली हाथ न जास्या जी ।। 1 ।। मैय्या जल्दी बुलावो, मत ना देर लगाओ, मैय्या म्हारी

Mata Ji

“Aaj Maiya Ghar Aayi”

आज मैय्या घर आयी (तर्ज : आज हमारे मन…….) आज मैय्या घर आयी, बड़ा ही शुभ दिन है,  सामने बैठी मैय्या, हो रहा कीर्तन है,  आयी माँ, आयी, आयी आयी माँ ।। कानों की बालियां, चाँद सूरज लगें,  गोटे की साड़ी, माँ को प्यारी लगै,  लाल चुनडियां ओढ़े – 2, कर रही रम झम है,

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“Ab Ke Ma Vada Nibhana Hai”

अब के माँ वादा तर्ज : दुनियां से सहारा. अब के माँ वादा निभाना है… अब के माँ वादा निभाना है इस बार के नवरात्रों में माँ, तुझे मेरे घर भी आना है ।। है रिश्तेदार हजारों मेरे, घर आते जाते रहते है, तुझ से भी रिश्ता है मेरा, सारे जग को ये बतलाना है

Mata Ji

“Dharu Charan Kamal Ka Dhyan

(तर्ज : जय जय जगदम्बे) धंरू चरण कमल का ध्यान, देवो वरदान मोहे शिवरानी, जय जय जगदम्बे भवानी ।। मस्तक पे मुकुट करता चमचम, पैरों में पायल की रुणझुण, है कोटि सुर्य का तेज चमक रही शानी, जय जय……. ।। 1 ।। तूं नव दुर्गा तारा काली, दुष्टों का दमन करने वाली, भक्तों की ईच्छा

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“Aajao Dharti Par Ek Bar”

(तर्ज : धरती धोरा री) आओ धरती पर एक बार, सुण्ल्यो भक्ता री पुकार ।  दे दो म्हाने थोड़ा प्यार, आओ माताजी, हो हो आवौ माता जी ।। टेर ।। भारत भू पर पाप बढ़यो है, पापी नव इतिहास रचियो है। सगलें धर्म प्रभाव घटियो है ।। आओ 2 सतयुग द्वार त्रेता आया 2 कलयुग

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O Sanchal Sachhiya Ma

ओ साँचल संच्चिया माँ तर्ज : मेरे गीत अमर कर दो.. ओ साँचल संच्चिया माँ, मुझे ऐसी शक्ति दो। करूँ सेवा मैं हर पल, मुझे ऐसी भक्ति दो।। ओसिया नगरी में माँ, मंदिर है बड़ा भारी, मूरत तुम्हारी माँ, लगती मन को प्यारी। पाकर दर्शन माँ के, – (2) जीवन को सफल कर दो।। तेरे

Mata Ji

“Udja Mere Man Ki Maina

उड़ जा मेरे मन की मैना (तर्ज : उड़ जा काले……) उड़ जा मेरे मन की मैना, माँ के भवन को जा,  भूल ना जाना मेरी माँ से, कहना संदेशा, कहना जा के महारानी से, आहें मैं भरता हूँ, तेरी याद में पल पल मैय्या², जीता हूँ मरता हूँ, भवानी कब आओगी, दरश दिखाओगी।। पलकें

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“Rom Rom Se Nikle Maiya Nam Tumhara

(तर्ज : जनम जनम का) रोम रोम से निकले मैय्या, नाम तुम्हारा – 2, ऐसा दो वरदान कि जन्मुं, बन के भक्त तुम्हारा।। रोम रोम से. बिन मांझी के नैय्या, चलती दम पे तेरे, बिन बोले तू मैय्या, हरती दुःखड़े मेरे, बीच भंवर में अटके नैय्या, तो देना इसे किनारा ।। स्वार्थ के संसार ने,

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Samdariyo Lehra Leve Sa

Samdriyo lehra leve sa o balma  समदरियो लेहरा लेवे सा ओ साजना , पिछोला झोला खावे सा ओ बालमा  माथा ने मेमद ल्याओ  रंग रसिया , थे ल्यावो रंग रसिया  म्हारी रखड़ी रतन जड़ाओ सा ओ साजना,  काना न कुण्डल ल्यआऒ रंग रसिया,थे ल्याओ रंग रसिया  म्हारी नथड़ी रतन जड़ाओ सा ओ बालमा  बइया न

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