Deshbhakti

A Mere Vatan Ke Logo Jara Aankh Me Bhar Lo Pani

ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आँख में भर लो पानी  जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुरबानी जब घायल हुआ हिमालय खतरे में पड़ी आजादी  जब तक थी साँस लड़े वो फिर अपनी लाश बिछा दी  संगीन पे धर कर माथा सो गए अमर बलिदानी  जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद […]

Deshbhakti

Jis Desh Me Ganga Bahati Hai

जिस देश में गंगा बहती है  Movie- Jis Desh Mein Ganga Behti Hal (1961), Singer-Mukesh , Lyrics-Shailendra,  Music-Shankar Jalkishan, होठों पे सच्चाई रहती है, जहाँ दिल में सफ़ाई रहती है, हम उस देश के वासी हैं, जिस देश में गंगा बहती है।। मेहमां जो हमारा होता है, वो जान से प्यारा होता है, ज़्यादा की

Deshbhakti

Jaha Dal Dal Par Sone Ki Chidiya Karti Hai Basera

जहाँ डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा  वो भारत देश है मेरा जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग पग लगता डेरा, वो भारत देश है मेरा ॥॥ ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु की माला जहाँ हर बालक एक मोहन है और राधा हर एक बाला जहाँ सूरज सबसे

Deshbhakti

A Malik Tere Bande Hum

ऐ मालिक तेरे बंदे हम्म…. ऐ मालिक तेरे बंदे हम, ऐसे हों हमारे करम  नेकी पर चलें और बदी से टलें  ताकि हंसते हुए निकले दम ऐ मालिक तेरे बंदे हम… बड़ा कमजोर है, आदमीअभी लाखों हैं इसमें कमी पर तू जो खड़ा, है दयालु बड़ातेरी किरपा से धरती थमी दिया तूने हमें जब जनम

Deshbhakti

Mere Desh Ki Dharti

मेरे देश की धरती सोना उगले मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती  मेरे देश की धरती … बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं  ग़म कोसो दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं सुनके रहट की आवाजें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे  आते ही मस्त बहारों

Deshbhakti

Vande Matram

वन्दे मातरम्। सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम् मातरम् । वन्दे मातरम् ।। 1।। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीम् सुमधुरभाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम् मातरम् । वन्दे मातरम्।। 2।। कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि भुजैधृत खरकरवाले, के बॉले माँ तुमि अबले, बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीम्, रिपुदलवारिणीं मातरम्। वन्दे मातरम् ।। 3।। तुमि विद्या तुमि धर्म, तुमि हृदि तुमि मर्म,

Deshbhakti

Oh Desh Mere

ओह देश मेरे, तेरी शानपे सदके कोई धन है क्या,  तेरी धूलसे बढके तेरी धूप से रौशन,  तेरी हवा पे जिंदा तू बाग है मेरा,  मैं तेरा परिंदा है अर्ज यह दीवाने की जहा भोर सुहानी देखी इक रोज वही मेरी शाम हो कभी याद करे जो जमाना माटीपे मार मिट जाना जिकमे शामिल मेरा

Deshbhakti

Kar Chale Hum Fida Jan O Tan Sathiyo

(कर चले हुम फ़िदा जान-ओ-तन साथियों  अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों )- (२) साँस थमती गई नब्ज थमती गई  फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया  कट गये सर हमारे तो कुछ गम नहीं  सर हिमालय का हमने न झुकने दिया  मरते मरते रहा बाँकापन साथियों, अब तुम्हारे … जिंदा रहने के मौसम बहुत

Deshbhakti

A Vatan A Vatan Teri Raho Me

जलते भी गए, कहते भी गए, आज़ादी के परवाने  जीना तो उसी का जीना है,  जो मरना वतन पे जाने ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम,  तेरी राहों में जाँ तक लुटा जायेंगे,  फूल क्या चीज़ है तेरे क़दमों पे हम,  भेंट अपने सरों की चढ़ा जायेंगे. ऐ वतन, ऐ वतन, हमको तेरी क़सम,

Esh Bhakti

Mera Rang De Basanti Chola

मेरा रंग दे बसंती चोला मेरा रंग दे बंसती चोला माहे रंग दे बसंती चोला  जिस चोले को पहन शिवाजी खेले अपनी जान पे,  जिसे पहन झाँसी की रानी मिट गई अपनी आन पे  आज उसी को पहन के निकला  हम मस्तों का टोला मेरा रंग दे  दम निकले इस देश की खातिर बस इतना

Scroll to Top