Author name: Sunita Dugar

Janmdin

Janm Diwas Ati Shubh Ho

(लय- मिलों न तुम तो हम घबराये) जन्म दिवस अति शुभ हो तुमको खुशियाँ मिले अपार हमारी कामना है, हमारी कामना है  चढ़ो सफलता की सीढ़ी पर जीत लो ये संसार  हमारी कामना है आयु भी लम्बी हो, तन भी सबल हो स्वस्थ आपका  उत्तम विचारों से मन भी प्रबल हो शुद्ध आपका  बनो यशस्वी […]

Mata Pita

Mere Papa Mera Sansar Hai

मेरे पापा मेरा संसार है (स्वस्ति मेहुल) उंगली थामे चलना तुमने सिखाया था  पांव थके तो कांधे पर बिठाया,  था   खुद की जरूरत त्याग के मेरी खुशियों को  पापा तुमने अपना संसार बनाया था नाम तेरा पहचान मेरी, नाम तेरा पह‌चान मेरी  मेरे पापा मेरा संसार है हो मेरे पापा मेरा संसार है सर पे

Deeksha, Jain Bhajan

Ubha O Vairagan

तर्ज: तेजा ….. ऊभा ओ वैरागण ऊभा ओ वैरागण, दादोसा री पोल ओ वैरागण। कोई लिख यो दादोसा, वैरागण बाई न आगन्याजी राज ।। ध्रुव ।। आगन्या वैरागण, लिखी ए न जाय, ओ वैरागण। कोई छाती छलीजे, हिवड़ो होलरै जी राज ।।१।। छाती दादोसा, काठी कर राख ओ दादोसा। कोई हिवड़ों छलास्यां महारासा रे, ज्ञान

Mata Pita

Tu Kitni Achchi Hai Tu Kitani Bholi Hai

तू कितनी अच्छीहै , तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ । यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया ।

Mata Pita

Ghar Ek Mandir Tera Mat Pita Hi Bhagwan Hai

(लय  मिलों ना तुम तो हम घबराये ) घर एक मंदिर तेरा, मात पिता ही भगवान है,  जो ना ये समझे प्राणी, वो तो बड़ा ही नादान है, मात पिता की सेवा जैसा, बन्दे और जगत में, कोई काम नहीं है, कोई काम नहीं है,  मात पिता की सेवा करले, खुशियों से झोली भरले, समझ

Mata Pita

Milata Hai Sacha Sukh Keval Shree Mat Pita Ke Charno Me

(तर्ज – मिलता है सच्चा सुख केवल ) मिलता है सच्चा सुख केवल, श्री मात पिता के चरणों में, यही विनती है रहूं जनम जनम, मैं मात पिता के चरणों में, मिलता हैं सच्चा सुख केवल, श्री मात पिता के चरणोंमें।। धरती पर देवो को पूजा, पूजा जप तप करवाया है,  तब जाकर मानव रूप

Mata Pita

Kashat Mata Pita Ko Jisne Diya

(लय यदि प्यासे को पानी पिलाया) कष्ट माता पिता‌ को जिसने दिया  उसको मन्दिर में जाने से क्या फायदा  काशी मथुरा चला तीर्थ करने भला  गंगा यमुना नहाने से क्या फायदा फूल मन्दिर में दो चार अर्पण किये   ऐसे इश्वर को वश मेंकिसनेकिया  पाँव माता पिता के पूजे नहीं  पाँव मूरत के पूजन से क्या

Mata Pita

Karo Mat Pita Ki Seva

(लय-बता मेरे यार सुदामा रे) ये मिलते नहीं दोबारा रे करो मात पिता की सेवा-2 मात पिता हो रूप हरी का,  पार उतरन का सही तरीका  यौ वेद पुराण, पुकारया रे२,  करो मात पिता की सेवा ये मिलते रे – ये जिदंगानी बस दस दिन की करे कदर ना जो नर इनकी-2  क्यूं फिरता मारा

Mata Pita

Mata Aur Pita Me Hi Bhagwan Hai

mata aur pita me hi bhagwan hai  (तर्ज – दूल्हेका सेहरा। ) माता और पिता में ही भगवान है,  इनसे होती ईश्वर कीपहचान है,  मैया हमको जन्म देकर पालती,  और पिता का जीवन पर एहसान है,  माता और पिता में ही भगवान हैं,  इनसे होती ईश्वर की पहचान है।   घोलकर ममता पिलाती दूध में माता, 

Mata Pita

Ye To Sach Hai Ki Bhagwan Hai (Hum Sath Sath Hai)

ये तो सच है की भगवान है, है मगर फिर भी अन्जान है, धरती पे रूप माँ-बाप का, उस विधाता की पहचान है, जन्मदाता हैं जो, नाम जिनसे मिला, थामकर जिनकी उंगली है बचपन चला, कांधे पर बैठ के, जिनके देखा जहां, ज्ञान जिनसे मिला, क्या बुरा, क्या भला, इतने उपकार हैं क्या कहें, ये

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