Author name: Sunita Dugar

Raksha Bandhan

Pyara Bhaiya Mera (kya Kahna)

प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारे भैया मेरा प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारे भैया मेरा रेशम की पगड़ी पे सेहरा घर आँगन महका गया प्यारा भैया मेरा प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारा भैया मेरा रेशम की पगड़ी पे सेहरा घर आँगन महका गया देखो […]

Raksha Bandhan

Pahali Yari Tumse Meri. (Film -Raksha Bandhan)

पहली यारी तुमसे मेरी पहला गुस्सा तुमसे था भाई मेरे बचपन का तो पूरा किस्सा तुमसे था आधा हिस्सा था वो मेरा आधा हिस्सा तुमसे था भाई मेरे बचपन का तो पूरा किस्सा तुमसे था रक्षा बंधन वादा है या धागा है प्यार का हो धागा है प्यार का थोड़ा सा है चंदन छोटा सा

Raksha Bandhan

Sapno Ka Vo Aangane (Perm Ratan Dhan Payo

सपनों का वो आँगन कहाँ? दर्पन बता, बचपन कहाँ? सपनों का वो आँगन कहाँ? दर्पन बता, बचपन कहाँ? सीधा-सरल था जीवन जहाँ दर्पन बता, बचपन कहाँ? सपनों का वो आँगन कहाँ? दर्पन बता, बचपन कहाँ? भाई से यारी, बहनों से मस्ती उड़ती पतंगों जैसा था मन जितने थे रिश्ते, सारे थे मन के उनमें ना

Mata Pita

Papa Hamare Ghar Ki Shan Hai

पापा हमारे घर की शान है    (LAY -Sajan Mera Us Par hai) पापा हमारे घर की शान है  उनके बिना जीवन विरान है पापा में बसती सबकी जान है  वो ही हमारे भगवान है  उनके कंधो पर घरका भार है   फिर भी वो करते हमसे प्यार है। जिम्मेदारी है लाखो सामने,  चलता उन्ही सेपरिवार

Raksha Bandhan

Ise Samjho Na Resham Ka Tar Bhaiya (Tiranga)

इसे समझो ना रेशम का तार भैया  मेरी राखी का मतलब है प्यार भैया-4 यूतो दुनिया में हर चीज का मोल है-2  मेरी राखी मगर अनमोल हैं  ये ना तुलती है दौलत के भार भैया  मेरी राखी का मतलब है प्यार भैया  तेरी बहिना ये जब भी कोई मुश्किल पड़े  आके मिल जाना मुझसे ही

Raksha Bandhan

Hum Bahino Ke Liye Mere Bhaiya (Film -Anjana)

हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में  आज के दिन मैं जहाँ भी रहूँ चले आना वहा हर हाल में चले आना वहा हर हाल में  हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में

Bhikshu Swami

Terapanth Prabodh (Shradha Swikaro Terapanth Ra Adhidevta

धम्म-जागरणा तेरापंथ-प्रबोध श्रद्धा स्वीकारी तेरापंथ रा अधिदेवता !  शक्ति संचारों तेरापंथ शासन-देवता । थारै पर म्हांरी आस्था अपरम्पार हो,  जन जीवन आधार हो, ह्रत्-तन्त्री रा तार हो,  मरुधर रा मन्दार हो, तेरापंथ रा अधिदेवता । १. राजस्थान गाम कंटालिय आषाड़ी तेरस आई,  बल्लू शा दीपां घर जायो, पुत्र फळी है पुण्याई ।  हो सन्तां। सतरैसै

Bhikshu Swami

Munind Mora

मुणिन्द मोरा – श्रीमज्जयाचार्य  १. मुणिन्द मोरा, भिक्षु नै भारीमाल, बीर गोयम-सी जोड़ी रे, स्वामी मोरा । अति भलो रे, मोरा स्वाम ।। मुणिन्द मोरा, चौथा आरा नी चाल, विविध मर्यादा बांधी रे, स्वामी मोरा । निरमली रे, मोरा स्वाम ॥ २. मुणिन्द मोरा, आप मांहि तथा गण में जाण, सुध संजम जाणो तो रे,

Bhachya, Tapsya

Motya Ra Lamak Jhumka (Bhanchya)

मोत्यांरा लामक-झुमका मोत्यां रा ए लामक- झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज दिन रलियामणा। बंधाओ मोरां देजी, रे ओबरै, जिण जाया छै आदिनाथ देव, सुखी ए, आज दिन रलियामणा। आदिनाथ स्वामी रो जन्म भलो हुयो, म्हारे आद हलावण देव सुखी ए, आज दिन रलियामणा।।१।। मोत्यां रा ए लामक – झुमका, मखतुल्यांरी बनरवाल सुखी ए आज

Bhachya, Tapsya

Guru Vanan Ghani Khhad (Bhanchya)

गुरु वानणरी गुरू.  वानणरी.   घणी रे.     खाड़, म्हें.  तो     शहर.   सतरंज  में जायस्यांजी,  माता मोरादेवी रा नन्द, म्हें तो आदिनाथ स्वामी न बांधस्याजी.  पोलीड़ा रे पोल उगाड़, म्हें तो घणा रे उमाय आयीयाजी. आंवतंड़ा घणा बूठा छ मेंव, हरिया लोए सावनओलरोजी, ओलरियां घणा बरसा छ मेंव,म्हारै मोतीड़ालड़लांगीयाजी  ॥१॥ गुरु बानणरी घणी रे खाड़,

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