Bheruji

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Aao Baba Aao, Kirtan KO Safal Banao

श्री भैरव आराधना (तर्ज बच्चे मन के….) आओ, बाबा आओ, कीर्तन को सफल बनाओ,  मैया का दरबार सजा है आसन आप लगाओ।। काला गोरा नाम तेरा, तोलियासर में धाम तेरा,  भक्त अनेकों जाते हैं, तेल सिन्दूर चढ़ाते है,  विनती पर तुम गौर करो, देरी अब ना और करो  श्वान सवारी करने वाले ,घुंघरू बांध के […]

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O Kala Goura Bheru Ne Manao

श्री भैरव आराधना (तर्ज-ओ फिरकी वाली….) ओ काला गोरा, भैरूं नै मनाओ, भजन सब गाओ, तोल्याणै रै नाथ रा, ओ प्याला पीवो नीं, भैरूं जी म्हारे हाथ रा।।  तेल सिन्दूर थांरै तन पे लगायो, जिस से मूर्ति है चमकी, मालीपानासे बाबाथांनै सजायो,आसकरां म्हेअबकिसकी, ओ तोल्याणा-२, पार लगाना, देर नहीं लगाना, ओ दिवानों, को दर्शन देना,

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Baba Toliyasar Ra Nath

श्री भैरव आराधना (तर्ज-कोरो काजलियो…) बाबा तोलियासर का नाथ, अब म्हांनै दर्शन दयो बाबा कोडाणै रा नाथ, अब म्हांनै दर्शन दयो।। म्हे थांनै पूजां बारम्बार, घणी करां थांरी मनुहार,  अब आ जाओ करतार, अब म्हांने दर्शन दयो ।। जब-जब भक्त ने अर्ज करी, थे बाबाजी मदद करी,  अब म्हांरी सुणो पुकार, अब म्हानै दर्शन दयो।।

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Bheruji Ka Geet

भेरुंजी का गीत भेरुंजी कठ जाया कठ उपज्या भेरुंजी कठौड़ लिया घर बास,  कालुड़ा पोल्यां बधाई जाम पालणो ।  बाई ए बन जाया बन उपज्या बाई ए, खेजड़ लिया घर बास,  कालुड़ा पोल्या बंधाई ज्याम पालणो ।  भेरुंजी एक हालरिय क कारण, भेरुजी सासुजी बोल्या बोल, कालुड़ा.  बाई ए सासुका बोल बड़ा करां, बाई एं

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Kirtan Me Aap Padharo Ji Bheruji Ji Maharaj

तर्ज : महाप्राण गुरूदेव…. कीर्तन में आप पधारो जी, भैरूंजी महाराज म्हारी विनती थे स्वीकारो जी, भैरूंजी महाराज ।। थे हो शंकर रा अवतारी, थांनै ध्यावै दुनिया सारी, थे डमरू बजाता आओ जी, भैरूंजी महाराज.. 11111 थांनै स्वान सवारी प्यारी, थांरी महिमा है अति भारी काली का, लाल कुहावो जी, भैरूंजी महाराज…… ।।2।। मस्तक पर

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Bheru Baba Kasht Sab Har Lijiye,

भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये, (तर्ज : दिल के अरमां….) भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये, मेरे मन में शांति भर दीजिये ।। तिलक सिन्दूरी सुहाये भाल पर, है चकित सब भूत तेरी चाल पर, हाथ में अब शस्त्रों को ले लीजिये ।। 1 ।। आपके दरबार में जो आ गया, अपना सारा कष्ट

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Toliyasar Ka Bheruji,

(तर्ज : बन्ना रे बागा में) तोलियासर का भैरूंजी, मैं चरण नवाऊं शीष । मैं बालक अज्ञानी हूँ तो, ज्ञान करो बक्सीस ।। भैरूं जी थांरी महिमा भारी – 2, थारै आवै दुनियाँ सारी, भैरूं तोलियासर वाला ।। भैरूं जी, चोसठ जोगणी आवै – 2, धोरां में घुमर घालै, भैरूं तोलियासर वाला ।। 1 ।।

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