Mahavir Bhajan

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Teri Sharan MileM

(तर्ज : तुमसे लागी लगन) तेरी शरण मिले, भव संताप टले, त्रिशलानन्दन ! तेरे चरणों में शत शत वन्दन ॥ १. खुशियां लेकर तुम महलों में आए। छाई रौनक, जन हरसाए। बरसा कण कण अमन, विकसित जन जन मन ॥ त्रिशला… २. चन्दनबाला को तुमने है तारा। अर्जुनमाली का भार उतारा। जिसने ले ली शरण, […]

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Harshit Man Dhyan Lagate Tumhara

हर्षित मन ध्यान लगाते, महावीर तुम्हारा। यह चढ़ा रहे चरणों में जीवन फूल हमारा ॥ जय त्रिशला नन्दन, जय त्रिशला नन्दन ॥ १. सिद्धार्थ कुल उजियारे, तुम पर नाज है। मां त्रिशला को चमकाया, प्रभु सरताज हैं। तुम जैन जगत् तीर्थंकर, सौभाग हमारा ॥ २. तुमने परखी भगवन्, जन-जन की पीर को। पलटा करके दिखलादी,

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Jo Bhi Japta Par Utrata

जो भी जपता पार उतरता मनवा हो मनवा वीर प्रभु का नाम सदा सुखकारी।  जो भी जपता पार उतरता नाम सदा जयकारी ॥  जय जय वीर जय महावीर ॥ अपनी किस्मत बहुत बड़ी है वीर प्रभु को पाया। भाग्योदय से पुण्य फले हैं पाई शीतल छाया। चरणों में जो भी आया है-है, उसकी नैया तारी

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Lag Rahi Rang Bahar M

लग रही रंग बहार, छाई खुशियां अनपार यह नगर हुआ गुलजार, वीर जयन्ती आई है ॥ १. सौभाग्यवती मां त्रिशला, जिसने पाया यह नन्दन। रोशन धरती का कण कण, जन जन करता है वन्दन। मन भावन, दिन पावन, हर्षित सब तुम्हें निहार ॥ २. मानव मानव के हित में, मैत्री की धार बहाई। तुमसे पा

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Trishala Nandan Ke Gun Hum,

मन मंदिर में दीप जलाएं त्रिशला नन्दन के गुण श्रद्धा से हम गाएं। शीश झुकाएं। भक्ति भाव से मन मंदिर में दीप जलाएं ॥ १. कुण्डलपुर में जन्मे प्रभुवर, सिद्धार्थ कुल उजियारे। भारत की पांवन वसुधा पर चमके वे जगमग तारे। प्रभु दर्शन कर सब हरसाए ॥ २. केवल ज्ञान मिला जब प्रभु ने ज्ञान

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Veer Jaynti Aaj Manaye

वीर जयन्ती आज मनाएं मन मंदिर में दीप जलाएं प्रभु के झूम झूम गुणगाएं, उत्सव आया है १. कुंडलपुर में प्रभुवर जन्मे । छाई खुशहाली कण कण में। माता मोद मनाए मन में, मंगल मंगल है… २. प्रभु ने राजमहल को छोड़ा। भौतिकता से नाता तोड़ा। उत्कट तप में जीवन जोड़ा। उत्सव आया है… ३.

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Trishala Nandan Veer Prabhu Ki

त्रिशला नन्दन वीर प्रभु की गौरव गाथा गाएंगे। गुण गरिमामय गीतों से यह रसना सरस बनाएंगे ॥ १. चैत्री शुक्ला त्रयोदशी को पावन जन्म तुम्हारा है। उमड़ पड़ी खुशियां महलों में जब से तुम्हें निहारा है। वर्धमान अभिधान पिता ने दिया स्नेह से प्यारा है शैशव की अनगिन स्वर्णिम घटनाएं स्मृति में लाएंगे ॥ २.

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Janmotsav Aaya Hai Jan -Man Harshaya Hai,M

जन्मोत्सव आया है, जन मन हरसाया है। आनन्द छाया है, मौसम मनभाया है। मंगल दिन, अनुपम है, प्यारा लगता है। त्रिशला का हर सपना, सबको अच्छा लगता है ॥ १. महलों में बहारें तुमको पाकर, मां आई, हां आई, त्रिशला हरसाई। सूरज ले आया उजाला, हां उजाला, छाई खुशियां, हर मन मतवाला ॥ मंगल दिन…

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