Mahavir Swami

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Prabhuji Mhane Le Chalo

(लय : मोरियो आच्छो बोल्यो-३) प्रभुजी म्हांने ले चालो, थारां देश में,  प्रभुजी थांर देशा में, सुख दुःख ना मिले-३ ओ तो जन्म मरण मिट जाय, प्रभुजी म्हांने… स्थायी अन्तरा प्रभुजी लाख चौरासी, भटक्यो ना मिले-२ पायो मिनख जमारो म्हे तो आज, प्रभुजी…. म्हांने… ॥१ ॥ प्रभुजी निरख्यो ओ मुखड़ो, पूनम चाँद सो-२ थाँरी आवे […]

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Jis Bhajan Me Veer Ka Nam N Ho

(लय : यदि भला किसी का कर न) जिस भजन में वीर का नाम न हो। उस भजन को गाना ना चाहिये ॥  जिस जगह पे अपना मान न हो। उस जगह पे जाना ना चाहिये ॥ चाहे बेटा कितना प्यारा हो। उसे सर पे चढ़ाना ना चाहिऐ ॥ चाहे बेटी कितनी लाड़ली हो। आजाद

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Manava Ho Manava Veer Prabhu Ka

(लय : मांई न मांई) मनवा हो मनवा वीर प्रभु का नाम सदा सुखकारी।  जो भी जपता पार उतरता नाम सदा जयकारी ॥  जय जय वीर जय महावीर ॥ १. अपनी किस्मत बहुत बड़ी है वीर प्रभु को पाया। भाग्योदय से पुण्य फले हैं पाई शीतल छाया।  चरणों में जो भी आया है, है उसकी

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Jiski Aaj Jarurat Usne

(लय : मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर…) जिसकी आज जरूरत उसने क्यों पहले अवतार लिया ? मंद चांदनी चंदा की क्यों सूरज को उपहार दिया ? जिसकी आज १. तुम आये तब इस धरती ने अपना रूप संवारा था, मनुज-एकता की वाणी से उसको मिला सहारा था,  मानव अपना भाग्य विधाता पौरुष को आभार दिया। जिसकी आज

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Kabhi Veer Banke

कभी वीर बनके, महावीर बनके लय : कभी दुर्गा बनके… कभी वीर बनके, महावीर बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२ ॥ध्रुव॥ १. तुम ऋषभरूप में आना-२, तुम अजितरूप में आना-२, संभवनाथ बनके, अभिनन्दन बनके, चले आना, दरश मोहे दे जाना-२॥ २. तुम सुमति रूप में आना-२, तुम पद्म रूप में आना-२, सुपार्श्व बनके, चन्द्र

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Mahavir Ji O Mahavir

महावीरजी ओ महावीर? लय : उमरांव थांरी बोली महावीर ! थांरा दरसण कर सुख पावां म्हारा स्वाम। महावीर ! थारे चरणां में लुल ज्यावां म्हारा स्वाम ॥ महावीरजी ओ महावीर ! १. मां त्रिशला रा लाडला, सिद्धारथ कुल नन्द,  अन्तिम तीर्थंकर बण्या, छायो जग आनन्द ।  महावीर ! थारी महिमा कांई बतलावा म्हारा स्वाम-महावीरजी… २.

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Mhare Aangane Aaya Mat Jao Mahavir

(लय : म्हाने रमता न काजन टीकी लाद्यो. (मारवाड़ी) म्हारे आंगण आया, मत जावो महावीर, आंसूड़ा ढलकावे, म्हारी आंखड़ली-२-:  १. चम्पा लुट गयी मैं बिक्योड़ी, पग बन्धन बन्धियोड़ा,  म्हारी कौन सुणेला, दुनिया मांय महावीर ॥ आंसूड़ा… ॥२. मात पिता सब सखियां छूटी छुट्यो सब परिवार,  थे तो दुखिया ने मत, ठुकरावो महावीर ॥आंसूड़ा… ॥३. आप

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Charna Thare Shish Namava

-: चरणा म थारै शीश नमावां :- (लय : नित उठ थांरा म्हे गुण गाव………….) चरणां मे थारै शीश नमावां,  पल पल छिण छिण रटन लगावां  घट म च्यानणियो करद्यो, म्हारा त्रिशला नन्दन,  जन्म सार्थक करयो, म्हारा प्यारा भगवन् ॥ समता री थे अलख जगाई, संयम री सरिता लहरायी, थांरी करुणा भायी हो, म्हारा त्रिशला

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Samta Ke Deep Jala Gaye Ji

-: तीर्थंकर महावीर :- लय : ओ म्हांरा गुरुदेव समता के दीप जला गये जी, तीर्थंकर महावीर।  संयम के गीत सुना गये जी, तार्थंकर महावीर ॥ १. सब अपने प्यारे भाई, मत खोदो पथ में खाई।  मैत्री का मार्ग बना गये जी, तीर्थंकर महावीर ॥ २. सब फूल एक ही वन के, सब दीप एक

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Jaha Har Dil Mahavir Ki Vani

(तर्ज : जहाँ डाल डाल पे सोने की चिड़िया) जहां हर दिल में महावीर की वाणी घर-घर करे बसेरा, जैन धर्म है मेरा,  जहां सत्य, अहिंसा और धर्म किपग पग लगता डेरा,  वो जैन धर्म है मेरा जहाँ जैन मुनि तपवन में, जाकर तेरा ध्यान लगाया  तुमने उनको दी ज्ञान की ज्योति, जीवन बोध कराया।

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