Kare Hum Veer Prabhu Ka Dhyan
(लय- धर्म की लौ जलाये हम) करें हम वीर प्रभु का ध्यान । करुणानिधि ! करुणाकर ! तारो, कर दो अब कल्याण ।। १. अन्त किया आठों कर्मों का, केवल दीप जलाया, अतिशय धारी, पर उपकारी, सोया शौर्य जगाया । अजर अमर अविनाशी तुमने, प्राप्त किया निर्वाण ।। 11 २. चौरासी में घूम रहे हम, […]