“Osiya Nagari Pyari
(तर्ज : सावन का महीना …) ओसियां नगरी प्यारी, जहां मैय्या का दरबार, दर्शन करले प्राणी, यहां पे मैय्या लुटाये प्यार ।। सुरज की किरणें तेरी, ज्योति जगाये, चन्दा की किरणें तेरी, आरती गाये, टिम टिम करते तारे, ज्यों पायल की झंकार ।। 1 ।। भक्ति हमारी भक्तों, गंगा की धारा, मैय्या की शक्ति मानो, […]