Mata Ji

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“Osiya Nagari Pyari

(तर्ज : सावन का महीना …) ओसियां नगरी प्यारी, जहां मैय्या का दरबार, दर्शन करले प्राणी, यहां पे मैय्या लुटाये प्यार ।। सुरज की किरणें तेरी, ज्योति जगाये, चन्दा की किरणें तेरी, आरती गाये, टिम टिम करते तारे, ज्यों पायल की झंकार ।। 1 ।। भक्ति हमारी भक्तों, गंगा की धारा, मैय्या की शक्ति मानो, […]

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Jis Ma Ne Tumko Janm Diya

जिस माँ ने तुमको जन्म दिया तर्ज : दिल लुटने वाले… जिस माँ ने तुमको जन्म दिया, दिल उसका दुखाना ना चाहिए, जिस पिता ने तुमको पाला है, कभी उसको सताना ना चाहिए, बेटा जितना आज्ञाकारी, उसे सिर पे चढ़ाना ना चाहिए, बेटी जितनी भी लाडली हो, घर-घर में घुमाना ना चाहिए ।। 1 ||

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“Maiya Ka Darbar Suhana Lagata Hai

मैय्या का दरबार (तर्ज : दुल्हे का सेहरा लगता है) मैय्या का दरबार, सुहाना लगता है, मैय्या का श्रृंगार सुहाना लगता है पल भर में कैसे बदल जाते हैं ये, इनका हर अंदाज निराला लगता है ,मैय्या का— हो रहा उत्सव यहां, यह झूमता है मन, गा रहे सब गीत मिलकर, भर गया आंगण मांगते

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Maiya Meri Naukari Pakki Karo

मैय्या मेरी नौकरी पक्की करो, (तर्ज : फूलौरी बिना चटनी….). मैय्या मेरी नौकरी पक्की करो, आज मेरी तनख्वाह थे नक्की करो ।। नौकरी करूं तो तुम्हारी करूं दूसरे की चौखट पे पांव ना धरूं श्रद्धा की डोर और पक्की करो ।। 1 ।। आप जैसा मालिक मिलता नहीं, जो बार बार नौकर बदलता नहीं, खुशियों

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“Majhdhar Me Hai Naiya”

(तर्ज : संसार है एक नदिया……) मझधार में है नैय्या, ओर वो भी पुरानी है, अब तुम को जगदम्बा, इसे पार लगानी है।। ना जानूं मैं पूजा, ना मन ही पावन है, बस तुम्हें चढ़ाने को, आंखों में सावन है, एक फूल है मुरझाया, मरे दिल की निशानी है ।।1।। तुम सााथ नहीं हो तो,

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“Maiyaji Tumhe Mai Khat Likhta

मैय्या जी तुम्हें मैं खत लिखता (तर्ज : दिल लुटने वाले) मैय्या जी तुम्हें मैं खत लिखता, पर पता मुझे मालूम नहीं।। तेरा पता मुझे मालूम नहीं 2 मैंने फूलों से पूछा कलियों से पूछा, पूछा बाग के माली से । माली ने कहा हर डाल पे है, पर पता मुझे मालूम नहीं।। मैंने सूरज

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“Soni Soni Lage Maiya

(तर्ज : छुप छुप बैठे हो….) सोणी सोणी लागै मैय्या, लूण राई वारो जी, नजर उतारो माँ की, नजर उतारो जी ।। पहली बार देख्यौ मैय्या, रूप ऐसो प्यारो, मनड़ै रो मोर देखो, नाचण लाग्यो म्हारो, चम चम बिन्दिया स्यूं, हो रहयो उजारो जी ।। 1 ।। आज सिणगार खूब, जच रहयो मैय्या, बैठ्या बैठ्या

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“Sachhe Man Ek Bar Tum

सच्चे मन से एक बार तुम (तर्ज : थाली भरकर..) सच्चे मन से एक बार तुम, मैया जी का नाम लो, करोड़पति बन सकते हो यदि, चरण ठीक से थाम लो ।। लाइफ लाइन वहां ना चलती, फिर भी मिलता ज्यादा हैं, जीत सदा ही भक्तों की होगी, मैया जी का वादा है -2, फुर्सत

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Ma Ne Mujhe Bulaya

माँ ने मुझे बुलाया माँ ने मुझे बुलाया शेरों वाली ए, मैं आया मैं आया शेरों वाली ए ओ शेरो वालिऐ, हा हा, ओ ओसियाँ वालिऐ हा हा, ओ पहाड़ा वालीऐ, हा हा, ओ ज्योता वालिये हा हा। अरे मां ने मुझे बुलाया……।। टेर।। सारा जग है एक बनजारा, सब की मंजिल तेरा द्वारा। ऊँचा

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“Meri Jholi Bhar Dijiye

मेरी झोली भर दीजिये (तर्ज : तुतक तुतक तुतीया) मेरी झोली भर दीजिये, शेरांवाली माँ, मेरा काम कर दीजिये, शेरावाली माँ ।। मैं आया हूँ शरण तुम्हारी, मुझ को गले लगाना, सारी दुनियां ने ठुकराया, तुम तो ना ठुकराना, अपनी शरण में ले लीजिये, शेरावाली माँ. तुम हो मेरी मात भवानी, तेरी महीमा गाऊं, छोड़

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