Mata Ji

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“Mujhe Pyar Karne ,Ma Dular Karne”

मुझे प्यार करने (तर्ज : कभी राम बन के…..) मुझे प्यार करने, माँ दुलार करने, चली आना, मैय्याजी, चली आना ।। मेरा कौन है सिवा तुम्हारे, तेरा बेटा माँ रो रो पुकारे, मेरी लाज रखने, सिर पे हाथ धरने, चली माँ बेटा का रिश्ता है प्यारा, आ के देना माँ मुझ को सहारा, आंचल छांव […]

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“Badi Door Se Chal Kar Maiya

बड़ी दूर से चलकर मैय्या तर्ज : ऐ मेरे वतन के बड़ी दूर से चलकर मैय्या, तेरे दर्शन करने आये, आ जाओ मेरी जग माता, तुझे भजन सुनाने आये ।। तेरा होता जब जब कीर्तन, माँ भीड़ लगे है भारी, तेरा दर्शन करने मैय्या, आती है दुनियां सारी, अब दर्शन दे दो मैय्या, मेरी हिम्मत

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“Fool Samrpit Karta Hu Mai

फूल समर्पित करता हूँ  (तर्ज : फूल तुम्हें………) फूल समर्पित करता हूँ मैं, इनको तुम स्वीकार करो, मैय्या तेरे द्वार पे आया, मेरा बेड़ा पार करों ।। प्रथम पुष्प अर्पित करता हूँ, रणथम्भोर विनायक को, विघ्न विनाशक मंगल कारक, गजानन्द गणनायक को, सब देवन में देव बडे तुम, आकर आसन ग्रहण करो ।। 1 ।।

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” Naiya Meri Fasi Padi Hai

नैय्या मेरी फंसी पड़ी है (तर्ज : चांदी की दिवार) नैय्या मेरी फंसी पड़ी है, वर्षो से मझधार में, क्यो नहीं होती यहां सुनायी, माँ तेरे दरबार में ।। सेवा की है भक्ति की है, तेरी ज्योति जलायी है, ना जाने कितने वर्षों तक, तेरी आरती गायी है, तेरे मंन्दिर में पंहुचा हूँ, मैय्या तुझे

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“Jis Din Maiya Ji Tera Darshan Hoga

जिस दिन मैय्या जी तेरा दर्शन होगा तर्ज : झिलमिल सितारों … जिस दिन मैय्या जी तेरा दर्शन होगा, उस दिन सफल मेरा जीवन होगा, तन मन मेरा तुझको अर्पण होगा, उस दिन मेरे मन के मंदिर में, मै तुझ को बिठाऊंगा, भाव भरे उपहार तेरे, चरणों में चढ़ाऊंगा, अंसूअन की धारा से वंदन होगा,

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“Osiya Bulao Ji”

ओसियां बुलाओ जी (तर्ज : लोकगीत) ओसियां बुलाओ जी, ओ मैय्या म्हानै ओसियां बुलाओ जी, ओसियां आस्या दर्शन पास्या, सोया भाग्य जगास्या जी ।। जो भी थारै द्वारें आवै, खाली हाथ न जावै, म्हे भी थारै द्वारें आस्या, खाली हाथ न जास्या जी ।। 1 ।। मैय्या जल्दी बुलावो, मत ना देर लगाओ, मैय्या म्हारी

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“Aaj Maiya Ghar Aayi”

आज मैय्या घर आयी (तर्ज : आज हमारे मन…….) आज मैय्या घर आयी, बड़ा ही शुभ दिन है,  सामने बैठी मैय्या, हो रहा कीर्तन है,  आयी माँ, आयी, आयी आयी माँ ।। कानों की बालियां, चाँद सूरज लगें,  गोटे की साड़ी, माँ को प्यारी लगै,  लाल चुनडियां ओढ़े – 2, कर रही रम झम है,

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“Ab Ke Ma Vada Nibhana Hai”

अब के माँ वादा तर्ज : दुनियां से सहारा. अब के माँ वादा निभाना है… अब के माँ वादा निभाना है इस बार के नवरात्रों में माँ, तुझे मेरे घर भी आना है ।। है रिश्तेदार हजारों मेरे, घर आते जाते रहते है, तुझ से भी रिश्ता है मेरा, सारे जग को ये बतलाना है

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“Dharu Charan Kamal Ka Dhyan

(तर्ज : जय जय जगदम्बे) धंरू चरण कमल का ध्यान, देवो वरदान मोहे शिवरानी, जय जय जगदम्बे भवानी ।। मस्तक पे मुकुट करता चमचम, पैरों में पायल की रुणझुण, है कोटि सुर्य का तेज चमक रही शानी, जय जय……. ।। 1 ।। तूं नव दुर्गा तारा काली, दुष्टों का दमन करने वाली, भक्तों की ईच्छा

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“Aajao Dharti Par Ek Bar”

(तर्ज : धरती धोरा री) आओ धरती पर एक बार, सुण्ल्यो भक्ता री पुकार ।  दे दो म्हाने थोड़ा प्यार, आओ माताजी, हो हो आवौ माता जी ।। टेर ।। भारत भू पर पाप बढ़यो है, पापी नव इतिहास रचियो है। सगलें धर्म प्रभाव घटियो है ।। आओ 2 सतयुग द्वार त्रेता आया 2 कलयुग

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