Subah Subah Mujhko Jagata Hai Koi
सुबह सुबह मुझको जगाता है कोई (तर्ज : चोरी चोरी सपनों) सुबह सुबह मुझको जगाता है कोई प्यारी प्यारी बात बताता है कोई ,ऐसा लगता है मेरा काम हो गया मैय्या संग मेरा राम राम हो गया 2 बाते करनी बहुत थी पर समय की कमी थी उनको भी हड़बड़ी थी मजबुरी ये बड़ी थी […]