Mata Ji

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Subah Subah Mujhko Jagata Hai Koi

सुबह सुबह मुझको जगाता है कोई (तर्ज : चोरी चोरी सपनों) सुबह सुबह मुझको जगाता है कोई प्यारी प्यारी बात बताता है कोई ,ऐसा लगता है मेरा काम हो गया मैय्या संग मेरा राम राम हो गया 2 बाते करनी बहुत थी पर समय की कमी थी उनको भी हड़बड़ी थी मजबुरी ये बड़ी थी […]

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Aaya Aaya Dar Tere

आया आया, दर तेरे आया (तर्ज : साजन….साजन ..3) आया आया, दर तेरे आया मैय्या मैय्या ओ प्यारी मैय्या मैय्या दर तेरे आया हो द्वार तेरे आकर मैने सुख चैन है पाया… खुशियों से भरती, तु सबका दामन कुछ ना मिलता भक्तों को हरदम जितना मिला मुझको कुछ भी नहीं है कम आज मेरा नम्बर

Mata Ji

Meri Mata Mera Jo Hai,Tera,

मेरी माता मेरा जो है (तर्ज : मेरा जीवन कोरा कागज) मेरी माता मेरा जो है, तेरा ही है दिया । कर न पाया कुछ भी अर्पण, तुझ से जो लिया ।। मेरी माता मैं पुजारी तुम हो देवी, “हाथ मैं त्रिशूल’-2 मेरे मस्तक से लगा, “तुझ पे चढ़ा जो फूल’-2 शीश रख कदमों पे

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Aaya Hu Sharan Me Teri,

(तर्ज : करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं) आया हूँ शरण में तेरी, उपकार करो माँ, करूणा की सागर हो मेरा, उद्धार करो माँ बेड़ा पार करो माँ हे ! संच्चिया माता, है! ओसियां वाली ।। तुमने ना जाने कितनों की, बिगड़ी संवार दी, विनती सुनी है उसकी, माँ जिसने पुकार दी, मै भी हूँ बालक

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Mai To Sanchal Ra Gun Gavu

मैं तो सांचल रा गुण गाऊ तर्ज : घूमर (मारवाड़ी) जी मैं तो सांचल संच्चियाय रा गुण गांऊ ए मां। जी मैं तो ओसियां सुरराय ने मनाऊं ए मां। म्हारो मन लाग्र्यो, अम्बा यश में ।। हां-हा। ऽऽऽ म्हारो मन लाग्यो दुर्गा यश में । जी मै तो थांरी म्हारी, नहीं चाहूँ ए मा ।

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Fool Bhi N Mangati,

(तर्ज : लारी लप्पां) फूल भी न मांगती, ये हार भी न मांगती, माँ तो बस भक्तों का, प्यार मांगती, बोलो जय माता दी ।। ओसियां के मन्दिर में धाम मेरी माई का, जग है दिवाना मैय्या, तेरी संकलाई का, चढ़ावा भी न मांगती, दिखावा भी न मांगती ।। माँ तो श्रद्धा से बुलावोगे तो,

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Jagdambe Bhawani Maiya

जगदम्बे भवानी मैय्या, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है (तर्ज : जरा सामने तो आवो छलिये) जगदम्बे भवानी मैय्या, तेरा त्रिभूवन में छाया राज है। सोहे वेष कसूमल नीको, तेरे रत्नों का सिर पै ताज है।। जब-जब भीड़ पड़ी भक्तो पर, तब-तब आय सहाय करे। अधम उद्धारण तारण मैय्या, युग-युग रूप अनेक धरे ।। सिद्ध

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Sanchal Nam Ki Jyoti Jagava ,

(तर्ज : सिरियारी रो सन्त) सांचल नाम की ज्योत जगावां, हिलमिल मां का मंगल गावां थांरे मंगल कारी नाम से मां दुखड़ा भागे,  म्हानै मां सांचल रो नाम प्यारो प्यारो लागे 2 दुष्ट दलन कर मैया थे तो, भक्ताने उबारा जी  महिषासुर को मर्दन किन्यो मधुकेटव संहारा जी  देवाा बोले है जयकारा, ऋषि मुनि ध्यान

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He Sachiya Mata Mujh Par

हे संच्चिया माता मुझ पर (तर्ज : होठो से छुलो तुम, मेरे गीत) हे संच्चिया माता मुझ पर, थोड़ी सी दया कर दो । मैं भक्त तुम्हारा हूँ, मेरा जन्म सफल कर दो ।। टेर ।। ऊँचे पर्वत पर मां, तेरा मन्दिर अति सोहे । छवि तेरी बड़ी प्याारी, भक्तों का मन मोहे । कैसे

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“Maiyaji Ka Lad Mil Kar Sara Karsya

मैव्याजी का लाड मिल कर सारा (तर्ज : इक परदेशी) मैय्याजी का लाड मिल कर, सारा करस्यां, मैय्याजी क चालो जी, सिंधारा करस्यां ।। ओसियां वाली मैय्या थानै, घरां म्हें बुलावांगा, राचणी आ मेंहदी थारै, हाथां में मंडावांगा, लाल – लाल हाथ, मैय्या, थांरा करस्यां ।। 1 ।। आंगणिये में मैय्या म्हारी, झुलों म्हे घलावांगा,

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