Shiv Bhajan

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Mere Bhagwan Karo Vishram

Bhajan मेरे भगवन करो विश्राम भगवन करो विश्राम के सत्संग पूरा हुआ रणथंभोर को गणपति चले हैं रिद्धि सिद्धि के साथ के सत्संग पूरा हुआ ब्रह्म लोक को ब्रह्माजी चले हैं माता ब्रह्माणी के साथ के सत्संग पूरा हुआ कैलाश पर्वत को भोले चले हैं गौरा मैया के साथ के सत्संगपूरा हुआ बैकुंठ लोक को […]

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Kashi Hai Nirali,

श्री शिव आराधना (तर्ज-दमा दम मस्त कलंदर …) काशी है निराली तो, शंकर बड़ा निराला है,  हाथ में दंड कमंडल, और पीते भंग का प्याला है।। सब देवताओं में नाम तुम्हारा है बढ़कर, ओ भोलेनाथ, ओ सब के साथ, दया की एक नजर कर, आये हैं तेरे दर पर, बम चम भोले शंकर ।। कैलाश

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Damaru Wale Baba Tumko Aana Hoga

श्री शिव आराधना (तर्ज – झिलमिल सितारों…) डमरू वाले बाबा तुम को आना होगा,  डम-डम डमरू बजाना होगा,  माँ गौरा संग गणपति जी को, लाना होगा, डम-डम…।। सावन के महीने में जब, कांवड़ लेकर आयेंगे,  पावन गंगाजल से बाबा, तुम को हम नहलायेंगे,  भक्तों को पार लगाना होगा, डम-डम….।। भांग, धतूरा, दूध बाबा, तुम पे

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Amrit To Devo KO Pilaya

श्री शिव आराधना अमृत तो देवों को पिलाया, आप हलाहल पान किया, अक्षर ज्ञान उसी को दे दिया, जिसने तेरा ध्यान किया,  बीगा तो नारद को दे दिया, इन्द्र भवन को राज दिया, कर्म काण्ड ब्राह्मण को दे दिया, सन्यासी को त्याग दिया  रावण को सोने की लंका, बीस भुजा दस शीष दिया,  श्री राम

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Shamsano Ke Wasi Ho,bhuto Ka Hai Sath

(तर्ज-देना हो तो दीजिए…) श्मसानों के वासी हो, भूतों का है साथ,  तेरा नदी किनारे डेरा, ओ बाबा भूतनाथ ।। देवों में महादेव हो बाबा, सारी दुनियां ध्याती है,  श्रद्धा से चरणों में तेरे, आकर शीष झुकाती है,  जो पांव पकड़ले तेरे-२, तूं पकड़े उनका हाथ ।। सृष्टि के ओ सिरजन हारे, तेरे ढंग निराले

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Shankar Ram Rahyo Re Pahado Me

श्री शिव आराधना (तर्ज-धमाल.) शंकर रम रयो रे, पहाड़ों में, गौरा पार्वती के संग-२।। सेर खा गयो खारी तमाखू, सेर पी गयो भंग रे,  आक धतूरा भोग लगाता, रहे नशे में दंग, शंकर ….।। ढोलक बाजे मजीरा बाजे, और बाजे मृदंग रे,  भोलेनाथ का उमरू बाजे, महारानी के संग, शंकर ….।। हाथ में थांरै त्रिशूल

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Shiv Bhole, Bam Bam Bole

(तर्ज- तन डोले मेरा मन… (नागिन)) शिव भोले, बम बम बोले, तेरे सेवक करे पुकार रे,  तूं तीन लोक का स्वामी है।। देवों में तू महादेव है, बाबा औघड़दानी, ब्रह्मा, विष्णु महिमा गावें, माया कोई ना जानी, ओ बाबा, माया भंग के गोले, चढ़ते भोले, बहे दूध की धार रे, दूँ…।। रोज नियम से दर्शन

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Ek Din Vo Bhole Bhandari L

(तर्ज : मिलो ना तुम तो) एक दिन वो भोले भंडारी, बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैं. पार्वती जी मना के हारी, ना माने त्रिपुरारी गोकुल में आ गए है ।। पार्वती से बोले, मैं भी चलूगां तेरे संग में, राधा संग श्याम नाचे, मै भी नाचूंगा तेरे संग मैं, रास रचेगा

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Bhola Baghmbar Wala

भोला बाघम्बर वाला (तर्ज : कजरा मोहब्बत वाला..) भोला बाघम्बर वाला, शंकर है डमरूवाला,  माया है उसकी महान, है वो निराला भगवान ।  बैठा आंखों को मीचें, सांसों को ऊपर खींचे, करता ना जाने किस का ध्यान, है वो…… ।। जट्टा में शिवशंकर के, गंगा बिहार करे,  माथे पे उनके देखो, चंदा उजियार करे ,

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Nandi Pe Hoke Sawar

नंदी पे हौ के सवार (तर्ज : अंजनी माँ के…) नंदी पे हो के सवार, भोले जी चले गौरा के, साथ में लंबी बरात, भोले जी चले गौरा के।। नंदी के घुंघरू छम छम बोले, भोले का डमरू डम डम बाजै, कंधे पे नाचै काला नाग, भोले जी. भांत भांत के देख बराती, भूत प्रेत

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