Tapsya

Bhachya, Tapsya

Jhalar Ro Jhanko. (Bhanchya)

झालर रो झणको झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर सतरंजै रै मांय, के झालर बाजै जी। सतरंजै में आदिनाथ जनमिया, औ तो माता मोरां देवी रा नन्दजी, झालर बाजै जी। झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर गिरनारां रै मांय, के झालर बाजै जी। गिरनारां में […]

Bhachya, Tapsya

In Re Pipaladi Ra Nav Das Dala(Bhanchya)

 इण रे पिपलड़ी रा नवं दस डाला,  आदिनाथ बस्यां स्वामी पोल चिनावी,  उठो माता मोरादेवी थारो सफल निहारो आंगन दोनी केसर रो जी छांटो,  रिमझिम केसर की लहरांजी आयें,  जठै स्वामी आदिनाथ आद हलावे ।।१।।  इण रे पिपलडी रा नव दस डाला,  नेमीनाथ बस्या स्वामीपोल चिणावो,  उठो माता सेवादे थांरो सफल निहारो,  आंगन दोनी किस्तुरी

Bhachya, Tapsya

Sakhi Agad Chandan Ra Bhariya Kupala Ji(Bhanchya)

सखी अगड़ चंदन रा भरिया कू पला जी  सखी केशर मोत्यां भरणी सीक, बधावो जी बाजत म्हे सुण्योनी,  सखी बाजे बाजे नाभि राजा री पोळ, जठे मोर्चों मंडायीयोजी।  सखी धन्य धन्य मोरादेवी री कूख, जठे आदिनाथ स्वामी जन्मीयाजी सखीआदिनाथ स्वामी मोटा छै देव, म्हारे आद हिलावण देवताजी ।।१।। सखी बाजे-बाजै समुद्रविजयजी री पोळ, जठै मोरचो

Bhachya, Tapsya

Mehandi-1 ( Bhanchya)

मेंहदी-१ मेंहदी जी बावण राजुल गई, कोई बायी बायी बालू रेत, मेंहदी म्हारी रंग राची मेंहदीजी सिंचण राजुल गई, कोई सींची-सींची काचै दूध, मेंहदी म्हारी रंग राची मेंहदीजी रुखालण राजुल गई, कोई छोटकीयो देवर म्हारै साथ, मेंहदी म्हारी रंग राची। मेंहदीजी चुंटण राजुल गई, कोई छोटकिया नणंद म्हारे साथ, मेंहदी म्हारी रंग राची। बाईसातो तोड्या

Bhachya, Tapsya

Mehndi -2 (Bhanchya)

मेंहदी-२ मेंहदी बांट सिलावटै, कोई ज्यू रंग दूणी होय। मेंहदी दयोनी सूरज जी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी। मेंहदी दयोनी चांदोजी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी ||१|| मेंहदी दयोनी विनायक जी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी। मेंहदी दयोनी देवी देवता रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी ।।२।। हाथा मेंहदी राचणी, चन्दु बाई रो चुड़लो हाथ।  सेज

Bhachya, Tapsya

Shree Choubisi(Bhanchya)

श्री चौबीसी आदिनाथ, अजित, संभव, समरुं जी श्री अभिनन्दना, चरण जिनजी शीश घर घर, करूं जी पल-पल वंदना ।। सुमतिनाथ, पद्मप्रभु, तरण तारण सुपास है। चंद्राप्रभुजी चरण बंदत, मिटत जम नीं त्रास हैं ।।१।। सुविधिनाथ, शीतल स्वामी, श्रेयांस, त्रिभुवन ईश है। वासुपूज्यजी के चरण वंदन, अहोनिश म्हारो शीश है।।२।। विमलनाथ, अनन्त, धर्मजी, को ध्यान नित

Bhachya, Tapsya

Chobisi Char Rago Me(Bhanchya)

चौबीसी चार रागों में राग-लहरो भिक्ष भजल्योजी। भिक्षु भजल्यो भलै भाव सूजी महाराज सा तरण तारण गुरुदेव राज भिक्षुभजल्यो जी । अगणा संभवनाथ बानस्याओ निणजी। चौथा अभिनन्दन देवराज भिक्षु भजल्यो जी।।२।। पांचवा सुमतिनाथ बानस्याओ जिणजी। छठा पदमप्रभु देवराज भिक्षु भजल्यो जी।।३।। भिक्षु तो भजल्यो भले भाव स्सू जी महाराजसा  तरण तारण गुरुदेव राज, भिक्षु भजल्योजी

Bhachya, Tapsya

Chobisi Bhagwan Ki Stuti Alag Alag Lay Me(Bhanchya)

चोबीस भगवान की स्तुति अलग-अलग लय मे राग-पारस पूजन द्यो पारस पूजन दयो। पारस पूजन में गई कोई ले तपस्यारी भेंट।पारस पूजन दयो   पहला ऋषभनाथ बानस्यां कोई दूजा अजितनाथ देव। प्रभुजी ने भजवा दियो   अगणा संभवनाथ बानस्या, कोई चौथा अभिनन्दनदेव पारस पूजन दो  साचे मन स्यू पूजतां, म्हारा होसी बेड़ा पार प्रभुजी नै– पारस पूजन

Bhachya, Tapsya

Shasan Mata Ro Parno(Bhanchya)

1शासन माता रो पारणो कंठोडे स्यूं शासन देवत उतरया रे लाल, कंठोडै लिया रे मलान ओ शासन देवत, आओ नै चौरासी लख रै पारणे ओ राज ।। शत्रुंजय स्यूं शासन देवत उत्तरया रे लाल, अहमदाबाद लिया रे मलान ओ शासन देवत, आओ नै हमारे घरे पारणै ओ राज ।। शत्रुंजय स्यूं शासन देवत उतरयाँ रे

Bhachya, Tapsya

Shree Aadiswar Parno (Bhanchya)

श्री आदीश्वर पारणो ए म्हारी राज सहेल्यां आज आदीश्वर करसी पारणो  म्हारी सखी-सहेल्यां पहला तीर्थकर करसी पारणो। आंकड़ी…॥अ।। सारां पहलां संयम लियो श्री ऋषभ देव महाराज  गावां नगरा विचरतां, कोई भव जीवां रा भाग। ए म्हारी …।12।। कर्म अंतराय आडी फिरी, कोई फिरिया घर-घर द्वार  नाभि राजा रा निका पोता, नहीं कीनी मनवार। ए म्हारी

Scroll to Top