Mata Ji

“Majhdhar Me Hai Naiya”

(तर्ज : संसार है एक नदिया……) मझधार में है नैय्या, ओर वो भी पुरानी है, अब तुम को जगदम्बा, इसे पार लगानी है।। ना जानूं मैं पूजा, ना मन ही पावन है, बस तुम्हें चढ़ाने को, आंखों में सावन है, एक फूल है मुरझाया, मरे दिल की निशानी है ।।1।। तुम सााथ नहीं हो तो, […]

Mata Ji

“Maiyaji Tumhe Mai Khat Likhta

मैय्या जी तुम्हें मैं खत लिखता (तर्ज : दिल लुटने वाले) मैय्या जी तुम्हें मैं खत लिखता, पर पता मुझे मालूम नहीं।। तेरा पता मुझे मालूम नहीं 2 मैंने फूलों से पूछा कलियों से पूछा, पूछा बाग के माली से । माली ने कहा हर डाल पे है, पर पता मुझे मालूम नहीं।। मैंने सूरज

Mata Ji

“Soni Soni Lage Maiya

(तर्ज : छुप छुप बैठे हो….) सोणी सोणी लागै मैय्या, लूण राई वारो जी, नजर उतारो माँ की, नजर उतारो जी ।। पहली बार देख्यौ मैय्या, रूप ऐसो प्यारो, मनड़ै रो मोर देखो, नाचण लाग्यो म्हारो, चम चम बिन्दिया स्यूं, हो रहयो उजारो जी ।। 1 ।। आज सिणगार खूब, जच रहयो मैय्या, बैठ्या बैठ्या

Mata Ji

“Sachhe Man Ek Bar Tum

सच्चे मन से एक बार तुम (तर्ज : थाली भरकर..) सच्चे मन से एक बार तुम, मैया जी का नाम लो, करोड़पति बन सकते हो यदि, चरण ठीक से थाम लो ।। लाइफ लाइन वहां ना चलती, फिर भी मिलता ज्यादा हैं, जीत सदा ही भक्तों की होगी, मैया जी का वादा है -2, फुर्सत

Mata Ji

Ma Ne Mujhe Bulaya

माँ ने मुझे बुलाया माँ ने मुझे बुलाया शेरों वाली ए, मैं आया मैं आया शेरों वाली ए ओ शेरो वालिऐ, हा हा, ओ ओसियाँ वालिऐ हा हा, ओ पहाड़ा वालीऐ, हा हा, ओ ज्योता वालिये हा हा। अरे मां ने मुझे बुलाया……।। टेर।। सारा जग है एक बनजारा, सब की मंजिल तेरा द्वारा। ऊँचा

Mata Ji

“Meri Jholi Bhar Dijiye

मेरी झोली भर दीजिये (तर्ज : तुतक तुतक तुतीया) मेरी झोली भर दीजिये, शेरांवाली माँ, मेरा काम कर दीजिये, शेरावाली माँ ।। मैं आया हूँ शरण तुम्हारी, मुझ को गले लगाना, सारी दुनियां ने ठुकराया, तुम तो ना ठुकराना, अपनी शरण में ले लीजिये, शेरावाली माँ. तुम हो मेरी मात भवानी, तेरी महीमा गाऊं, छोड़

Mata Ji

“Mujhe Pyar Karne ,Ma Dular Karne”

मुझे प्यार करने (तर्ज : कभी राम बन के…..) मुझे प्यार करने, माँ दुलार करने, चली आना, मैय्याजी, चली आना ।। मेरा कौन है सिवा तुम्हारे, तेरा बेटा माँ रो रो पुकारे, मेरी लाज रखने, सिर पे हाथ धरने, चली माँ बेटा का रिश्ता है प्यारा, आ के देना माँ मुझ को सहारा, आंचल छांव

Mata Ji

“Badi Door Se Chal Kar Maiya

बड़ी दूर से चलकर मैय्या तर्ज : ऐ मेरे वतन के बड़ी दूर से चलकर मैय्या, तेरे दर्शन करने आये, आ जाओ मेरी जग माता, तुझे भजन सुनाने आये ।। तेरा होता जब जब कीर्तन, माँ भीड़ लगे है भारी, तेरा दर्शन करने मैय्या, आती है दुनियां सारी, अब दर्शन दे दो मैय्या, मेरी हिम्मत

Mata Ji

“Fool Samrpit Karta Hu Mai

फूल समर्पित करता हूँ  (तर्ज : फूल तुम्हें………) फूल समर्पित करता हूँ मैं, इनको तुम स्वीकार करो, मैय्या तेरे द्वार पे आया, मेरा बेड़ा पार करों ।। प्रथम पुष्प अर्पित करता हूँ, रणथम्भोर विनायक को, विघ्न विनाशक मंगल कारक, गजानन्द गणनायक को, सब देवन में देव बडे तुम, आकर आसन ग्रहण करो ।। 1 ।।

Mata Ji

” Naiya Meri Fasi Padi Hai

नैय्या मेरी फंसी पड़ी है (तर्ज : चांदी की दिवार) नैय्या मेरी फंसी पड़ी है, वर्षो से मझधार में, क्यो नहीं होती यहां सुनायी, माँ तेरे दरबार में ।। सेवा की है भक्ति की है, तेरी ज्योति जलायी है, ना जाने कितने वर्षों तक, तेरी आरती गायी है, तेरे मंन्दिर में पंहुचा हूँ, मैय्या तुझे

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