Guru

Jyotipunj Ki Jyoti Rashmiya

अँभिक्षु “पूज्य प्रवर  के श्री चरणों में ज्ञानशाला में  दिल्ली की प्रशिक्षिकाओं द्वारा प्रस्तुत गीत  साध्वी श्री कनकश्रीजी ज्योति पुंज की ज्योति रश्मियां प्रज्ञा ज्योति जगाए। महाबोधि मंदार आर्य की अभिनव श्री सुषमाएं ।।  वंदन वंदन शत-२ वंदन । भरदों जीवन में नव स्पंदन ।। ① मौसम कितना आज सुहाना महके मन वृंदावन । पौर-र […]

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Hai Prano Se Bhi Pyara Hamko Mahashraman Shasan

  (रचना -साध्वी श्री कनकश्रीजी) (लय-हमनन्हें मुन्ने हो चाहे पर किसी से कम, आकाश तले जो फूल खिले वो फूल बनेंगे हम) है प्राणों से भी प्यारा हमको महाश्रमण शासन्  दिल्ली ज्ञानशाला है पुलकित पाकर गुरु दर्शन गुरु‌देव प्रतापी है, कीर्त जग व्यापी है शिखरों की ऊंचाई   ऊंचाई पौरुष से नापी है   महामहिम  श्री महाश्रमण

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Guru Mera Mandir Guru Meri Pooja

गुरु मेरा मन्दिर गुरु मेरी पूजा  गुरु मेरा पारब्रह्म और न दूजा गुरु मेरा दाता भाग्य विधाता -2.  हर सुख साधन का गुरु ही प्रदाता- 2  गुरु मेरा मंदिर, गुरु मेरी पूजा-२ 2 गुरु मेरी नैया गुरु ही खैवेया  गुरु मेरी मंजिल गुरु मेरी छ्या  गुरु मेरा मंदिर गुरु मेरी पूजा – 2 3. गुरु

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Aao Aao Gurudev Aao

(लय- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले) आओ आओ आओ गुरुदेव आओ भक्तों को मत तरसाओं हमे हमारे देव भाग्य पर नाज महाश्रमण मेरे मुख-२की आवाज  गुरु का सिर हाथ बने शासन नाथ -2 करते अर्पित श्रद्धा सुमन हम देखे — कम से कम पन्द्रह दिन का का आवास  सब आगे बढ़े, इतिहास गर

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Teri Jay Ho Teri Jay Ho

* महाप्रज्ञ श्रमण स्तुति।  (लय – दिल हूम हूम करे) तेरी जय जय जय हो तेरी जय हो तेरी जय जय जय हो तेरी जय हो हर भक्त पुकारे भगवन तुम अजर अमर अक्षय हो (1) गर्मी की दुपहरी में बादल बन छाते, तुम,  बादल जब-जब बरसे छतरी बन जाते, है  शरण तिहारी पग-पग पर

Guru

Poora Dhyan Laga

गुरुवर दौड़े-दौड़े आऐंगे पूरा ध्यान लगा गुरुवर दौड़े-दौड़े आऐंगे  पूरा ध्यान लगा तुझे गले से लगाऐंगे   मंन की अँखिया खोल तुझको दर्शन वो कराएंगे है  राम रमैया वो, है कृष्ण कन्हैया वो वही मेरा ईश्वर है निष्काम राहों पर चलना जो सिखाए,  वही मेरा जगदीश है प्रेम से पुकारे तेरे पास वो तब आएंगे, पूरा

Guruvar

Aaye Hai Sharan Teri

।। श्री गुरुदेव वन्दना ।। (तर्ज-होठों से छूलो तुम…) आये है शरण तेरी, गुरूदेव कृपा कर दो,  इस दीन दुखी मन में, आनन्द सुधा भरदो ।। टेर ।। बड़ी दूर से चलकर मैं, तेरे द्वार पे आया हूँ,  श्रद्धा के सुमन चुनकर, दिल में भर लाया हूँ,  स्वीकार करो मुझको, चरणों मे जगह दे दो

Guru

Har Sans Me Ho Sumiran Tera

(लय- झिलमिल सितारों का आंगन होगा) हर साँस में हो सुमिरन तेरा,  यूँ बीत जाये जीवन मेरा,।  तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा,  यूँ बीत जाये जीवन मेरा ।। नैनो की खिड़की से तुमको पल पल मै निहारूँ  मन में बिठालू, तेरी आरती उतारूँ  डाले रहू तेरे चरणों में डेरा,  यूँ बीत जाए जीवन मेरा

Guru

Meri Lagi Guru Sang Preet

गुरुजी भजन मेरी लगी गुरु संग प्रीत, ये दुनिया क्या जाने  क्या जाने भई क्या जाने, क्या जाने भई क्या जाने,  मुझे मिल गया मन का मीत, ये दुनिया क्या जाने,  मेरी लगी गुरु संग प्रित, ये दुनिया क्या जाने।। बाजी जब गुरुवर से लगाई, पलट गया पासा  मेरी हार हो गई जीत, ये दुनिया

Krishna Ji, Shyam

Madhrarashtkam Lyrics

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं । हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥ वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं । चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥ वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ । नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥ गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं

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