Krishna Ji, Shyam

Apne Bhakt Ko Kitna Pyar Karta Hai

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-हनुमान को खुश करना…) अपने भगत से कितना वो प्यार करता है,  रहता है खाटू में पर ध्यान रखता है ।। जब भी पुकारूँ मैं वो दौड़कर आये,  चाँदी का सिंहासन वो छोड़कर आये,  अपने भगत पर कितना उपकार करता है ।। रहता है… करता है रखवाली दिन रात भक्तों […]

Krishna Ji, Shyam

Ahsan Tera Bhakt Pe Kafi Hai Sanwre

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा…) एहसान तेरा भक्त पे, काफी है साँवरे,  हर भूल की देता हमें, माफी तू साँवरे ।। टेर ।। इतना दिया है तूने, कर्जदार है तेरे,  लेकिन चुका न पाये, गुनाहगार हे तेरे,  लेने में फिर भी शर्म, ना आती है साँवरे ।१।। अपना बनाया तूने,

Krishna Ji, Shyam

Holi Khelanga Aapa Girdhar Gopal Se

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-छुरियाँ चल जाये…) तुम झोली भरलो भक्तों, रंग और गुलाल से,  होली खेलागां आपां, गिरधर गोपाल से ।।टेर ।। कोरा-कोरा कलश मंगाकर, उसमें रंग घुलवाना-२,  लाल-गुलाबी न, नीला पीला, केशर रंग मिलवाना-२ , बच बच कर रहना उनकी, टेढ़ी मेढ़ी चाल से ।। होली… लायेंगे वो संग में अपने, ग्वाल-बाल

Krishna Ji, Shyam

Dil Ki Har Dhadkan Se Tera Nam Niklata Hai

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-बचपन की मोहब्बत…) दिल की हर धड़कन से, तेरा नाम निकलता है।  कान्हा तेरे दरशन को, तेरा दास तरसता है ।। टेर।। जन्मो पे जन्म लेकर, मै हार गया मोहन, *दर्शन बिन व्यर्थ हुआ, हर बार मेरा जीवन । अब धीर नहीं मुझमें, कितना तूं परखता है ।।१।।  कान्हा तेरे..

Krishna Ji, Shyam

Mai Kahu Radhe Radhe

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-थोड़ा प्यार हुआ है…) मैं कहूँ राधे-राधे, तुम कहो राधे-राधे,  राधे का ध्यान धर लो, सब कहो राधे-राधे ।। * राधे का नाम है पावन, सबको लगता मनभावन, *राधे का नाम है भगति, तुम कहो क्या है कारण, * ब्रह्मा-विष्णु-शिव सब ही, रट रहे राधे-राधे, मैं कहूँ.. * श्याम भी

Ktishan, Shyam

Kan Kan Me Vas Hai Jiska

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्जः ये बन्धन तो प्यार का ……) कण कण में वास है जिसका, तिहुलोक में राज है उसका, हारे का साथ निभाये, प्रेमी पर प्रेम लुटाये,  ऐसा तो हमारा बाबा है, बाबा तो हमारा है ।। टेर ।। श्याम प्रभू को कोई, अपना बनाकर देखे,  कितना प्यार लुटाता, प्रेम बढ़ाकर

Krishna Ji, Shyam

Kanha Khale Chhappan Bhog Saja

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-जिया ले गई पिया तेरी…) कान्हा खाले रे जरा छप्पन भोग सजा-२,  मानूँगा में दाता एहसान बड़ा…. हलवा, इमरती, रसगुल्ला, माखन प्रेम से खा लल्ला, * बर्फी साज बुन्दी भुजिया, रबड़ी जलेबी केसरिया, मोतीचूर के लड्डू श्याम चखले जरा ।।१।। पेड़ा, कलाकन्द, मालपुआ, चमचम दनादन खा छलिया, पूड़ी, कचौड़ी, गजरैला

Krishna Ji, Shyam

Aao Ji Aao Baba

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-आओ जी आओ म्हारे हिवड़े रा पावणा…) आओ जी आओ बाबा, आज म्हारे आंगणै,  भगत बुलावै थानै आणो पड़सी ।।टेर ।। थां बिन म्हारो जीवन सूनो, यूं ही बीत्यो जाय,  बीच भंवर में नैया म्हारी, आकर पार लगाय,  मैं तो डूब रहा बीच मझधार में,  नैया न पार लगायां सरसी

Krishna Ji, Shyam

Sringar Kanheya Ka Bada Pyara Lagta Hai

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-क्या खूब लगती हो….) श्रृंगार कन्हैया का, बड़ा प्यारा लगता है,  सजधज के, औरो से, न्यारा लगता है,  तीन लोक में सुन्दर श्याम हमारा लगता है ।। टेर।। अधरों पे सजे हैं मुरली, हाँ मुरली,  हम भक्तों की नींदे इसने हर ली,  नैनो से करे है घायल, हाँ घायल,  ये

Krishna Ji, Shyam

Hello Lagawe Dekho Sanvro

 श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-मोरियो)  भायला, हेलो लगावे देखो सांवरो-३,  चालो चालो रे-३, मेले के मांही आजा भायला,  हेलो लगावे देखो सांवरो ।।  टेर ।।**भायला, फागण को मेलो भर्यो जोर को,  लेल्यो लेल्यो रे-३, हाथां मे थे निशान भायला,  हेलो लगावे देखो सांवरो…. ।।१।।* **भायला, खाटू में जाके होली खेलस्याँ,  भरल्यो भरल्यो रे-३, खाटू में

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