Jeevan Chhoto So
जीवन छोटो सो (तर्ज – कोरो कांजलियो……) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री जीवन छोटो सो, तुं जाग अरे इंसान ! जीवन छोटो सो….. १. के करणो के कर रह्यो, तूं करलै आज विचार । के लेकर आयो जग में, तूं के ले ज्यासी लार ।। २. राग-रोष में क्यूं उलझ्यो, अब थांरी म्हारी छोड़। बीत रह्यो […]