Niklenge Ik Din To Tan Se Ye Pran
मंजिल (लय : एक दिन बिक जायेगा माटी के मोल) निकलेगे इक दिन तो, तन से ये प्राणपीछे रह जायेगे मिट्टी के मकान मोटर विमान ट्रेन आयेगे ना काम परिजन ले जायेगे अर्थी को श्मशान ॥ मनमानी नादानी चाहे कर ले जीवन के धट को विष से चाहे भर ले ये साथी ये भाई, ये […]