Kya Lekar Tu Says Jagat Me
क्या लेकर तू आया जगत में (तर्ज : चाँद सी दीवार न तोड़ी……) क्या लेकर तूं आया जगत में, क्या लेकर तूं जायेगा । सोच समझ ले रे बन्दे, नहीं आखिर तूं पछतायेगा ।। बचपन बीता इन गलियों में, यौवन भी रंग रलियों में, खूब सजाया, तूने तन को, फूलों और कभी कलियों से । […]