Adhyatmik

Adhyatmik, Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Kya Lekar Tu Says Jagat Me

क्या लेकर तू आया जगत में  (तर्ज : चाँद सी दीवार न तोड़ी……) क्या लेकर तूं आया जगत में, क्या लेकर तूं जायेगा । सोच समझ ले रे बन्दे, नहीं आखिर तूं पछतायेगा ।। बचपन बीता इन गलियों में, यौवन भी रंग रलियों में, खूब सजाया, तूने तन को, फूलों और कभी कलियों से । […]

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Chetan Chidanand Charna Me

चेतन ! चिदानन्द चरणां  तर्ज : वृन्दावन का कृष्ण कन्हैया….  रचयिता : आचार्यश्री तुलसी चेतन ! चिदानन्द चरणां में, सब कुछ अरपण कर थांरो,  सफल बणां तूं सत-संगत में, मूंघा मोलो मिनख जमारो ।।  खाली हाथां आयो है तूं, जासी खाली हाथां रे,  लारै रहसी इण दुनिया में, जस अपजस री बातां रे,  थोड़े जीणे

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Hansa Nikali Gayo Kaya Se

हँसा निकल गयो काया हँसा निकल गयो काया से खाली पड़ी रही तस्वीर,  पड़ी रही तस्वीर खाली पड़ी रही तस्वीर ।।  वही नयन मुख वही नासीका वही भ्रकुटि वही वीर,  वही देह और वही धरणी, पर उड़ गया पंछी पीर ।। १ ।। मात-पिता और बहिन भाणजी, कहे विलायो वीर,  जला-तली देकर कहे सारा, टुटया

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Tane Ajab Banayi Bhagwan

माटी का तन माटी का माटी का तन माटी का-माटी का तन माटी का,  तने अजब बणायो भगवान, खिलौना माटी का,  तने सुन्दर बणायो भगवान, खिलौना माटी का ।। नैन दिया तने हरि दर्शन ने, तने कान दिया सुन ज्ञान ।। १ ।। दांत दिया थारे मुखड़े री शोभा, तने जीभ दिनी रट रांग ।।

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Thari Kaya Ro Gulabi Rang

थारी काया रो गुलाबी रंग (तर्ज : थारी आँख्या में लोही रो). थारी काया रो गुलाबी रंग उड़ जासी, उड़ जासी रे फिको पड़ जासी ।। 1 हस्या-हरया रुँखड़ा उगीया रे बाग में, पान-फूल एक दिन झड़ जासी ।। .2सूरज उगीयो दोफारो तपियो, साझं पड़या सूरज ढल जासी ।। 3रैन बसेरो पंछि किन्हो, भोर भया

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E Tan Ro Pal Ro Bharos Nahi

ई तन रो ! तर्ज : दिल करता…. रचयिता : मुनि मधुकर ई तन रो, पल रो भरोसो नहीं, ई तन रो,  क्यूं इत्तो इतरावै, क्यूं दुष्कर्म कमावै, कद दिवलो बुझ ज्यावै ।। दिन-रात एक धुन, भाग्यो-भाग्यो फिरै है,  ऊड़े है  आकाश नदी, सागरां नै तिरै है, हो….  पईसै रे खातर धरम गमावै ।। १

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Chand Dino Ka Jina Re Bande

चन्द दिनों का जीना रे बन्दे  (तर्ज : कसमें वादे प्यार वफा सब……) चन्द दिनों का जीना रे बन्दे, ये दुनिया मकड़ी का जाल,  क्यों डूबा विषयों में पगले, हाल हुआ तेरा बेहाल ।।१।। आखिर होगा तेरा जाना, कोई न साथ निभायेगा,  तेरे कर्मों का फल बन्दे, साथ तुम्हारे जायेगा,  धन दौलत से भरा खजाना,

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Itni Shakti Hame Dena

 तर्ज: इतनी शक्ति हमें देना इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर होना ।  हम चले नेक रस्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना ।। दूर अज्ञान के हों अंधेरे, तू हमें ज्ञान की रोशनी दे ।  हर बुराई से बच के रहें हम, जितनी भी दे, भली जिंदगी दे

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