Uth Jag Musafir Bhor Bhayi
1 उठ जाग मुसाफिर उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहां जो सोवत है। जो सोवत है सो खोवत है, जो जागत है सो पावत है॥ उठ नींद से अखियां खोल जरा, और अपने प्रभु से ध्यान लगा। यह प्रीत करन की रीत नहीं, प्रभु जागत है, तू सोवत है। उठ जाग मुसाफिर… जो […]