Bhachya

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Kathe Su Aayo Bhikshu

कठै स्यूं आयो भिक्षु कठै स्यूं आयो भिक्षु, कठस्यूं आयो कालू । कठै स्यूं आयो हो, सन्तां तुलसी प्रभु ।। कांठा स्यूं आयो भिक्षु, छापर स्यूं आयो कालू । चन्देरी स्यूं आयो हो, भक्तां तुलसी प्रभु ।।१।। किणरै जायो भिक्षु, और किणरै जायो कालू । ओ किणरै जायो हो, सन्तां तुलसी प्रभु ।।२।। दीपां रै […]

Bhachya, Tapsya

Koyaldi Ku Hu Kuhu Moriya Ji Bole(Chobisi)

चौबीसी  कोयलड़ी बोले कुहु — मोरिया जी बोले-2 उगते सूरज न करू वंदन महावीर जी,  म्हान भव भव सू तारो  पहला ऋषभ नाथ जिणजी ने बांदू  दूजा अजितनाथ देव ओ ,महावीर जी  म्हान, भव-२ सू तारो तीसरा संभवनाथ जिणजी ने बादूं चौथा अभिनंदन देव ओ महावीर जी म्हान, भव-२ सू तारो पाँचवा सुमति नाथ जिणजी

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Adasi To Badasi Navkarsi Ji

अड़सी-बड़सी अड़सी तो बड़सी नवकारसी जी, पोरसी रो बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी ।।  बास बाजूबंध बोरला जी, बेलै-तेलै तिलक लिलाड़,  मुझ शील सुहावणा जी।  चोले में ओढो सुरंगी चूनड़ी जी, पांचा बासां बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी।  छवां में पैरो छल्ला-मूंदड़ी जी, सातां बासां बडो पच्चखाण, मुझ शील सुहावणा जी।  अठाई में

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Chobis Jin Stavan

चौबीस जिन स्तवन आदिनाथ, अजित, संभव, समरूं जी श्री अभिनंदना। चरण जिनजी शीश घर धर, करूं जी पल-पल वंदना ।। १. सुमतिनाथ, पदम प्रभु, तरण तारण सुपास है।  चंदा प्रभुजी के चरण वंदत, मिटत जमनीं त्रास है।। २. सुविधि नाथ, शीतल स्वामी, श्रेयांस त्रिभुवन ईश है। वासुपूज्य जी के चरण वंदत, अहोनिश म्हारो शीश है।।

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Aaj Shahar Me Ochhab Mochhab

ओछब-मोछब १. आज शहर में ओछब मोछब, तैतीस करोड़ देवी-देवता जोयबा नै आया। देवतां रै पैरण राता चरणा, राता चरणा कुमकुम वरणा, आज म्हारै आदिनाथ देव पधारिया जी। रो-रो स्वामी पोळ चिणाय, म्हारै आद हिलावण देवता जी।। २. आज शहर में मंगळ मोछब, तैंतीस करोड देवी-देवता जोयबा नै आया। देवतां रै पैरण पीळा चरणा, पीळा

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Chunadi

चूनड़ी १. आ चूनडी मोरां देवी ने सोहै-२ नाभि राजा घर नार, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी। शील सुरंगी बांध, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी, दया धर्म री बांध, बंधारा चूनड़ी रंग राती जी। नान्ही-२ बूंद बांध बंधारा, चूनड़ी रंग राती जी।। २. आ चूनड़ी शिवा देवी नै सोहै-२ समुद्र विजय घर नार, बंधारा चूनड़ी

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Pahala Bandiji Jinaji

बोल्या छै मोर . पहला बांदुजी जिणजी ऋषभनाथ देव, दुजा अजितनाथ चौदस् अगणा वांदुजी जिणजी संभवनाथ देव, चौथा अभिनन्दन बांदस्यु। पांचवा वांदुजी जिणजी सुमतिनाथ देव, छठ पदम प्रभु वॉदस्यां सातवां वांदुजी जिणजी सुपार्श्वनाथ देव, आठवां चंदा प्रभु बांदस्यां वांदत-वांदत ए सखी म्हारी, बोल्या छ मोर-२, लाल झरोखां बोली कोयली धीरत बिना ऐ सखी म्हारी लुखो

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Chandan Bhariyo Kupalo

चन्दन भरिया कुंपला सखी अगड़ चंदन रा भरिया कुंपलाजी, सखी केशर मोत्यां भरणी सीक, बधावो जी बाजत म्हे सुण्योजी, सखी बाजे बाजे नाभि राजा री पोळ, जठै मोर्चों मंडायीयोजी। सखी धन्य धन्य मोरादेवी री कूख, जठै आदिनाथ स्वामी जन्मीयाजी सखी आदिनाथ स्वामी मोटा छ देव, म्हारै आद हिलावण देवताजी ।। १।। सखी बाजे-बाजे समुद्रविजयजी री

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Mha Syu Munde Bol(Aadlnath)

म्हां स्यूं मूंढे बोल (तर्ज : पन्नजी मुंढे बोल ) म्हां स्यूं मूंढे बोल, बोल बोल आदिश्वर बाला कांई थांरी मरजी रे, म्हां स्यूं मूंढे बोल….  मोरां देवी बाट जोवता इतने बधाई आई रे आज ऋषभ उतस्या बाग में सुण हरषाई रे।। १।। न्हाय धोय ने गज असवारी, कर मोरां देवी माता रे जाय बाग

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Nayi Choubisi &. Tap Re Jhule Jhulya Anand Aavere

नई चौबीसी नई चौबीसी, हो…. नई चौबीसी रो अर्थ बताओ म्हांनै, नई चौबीसी ।। चमक-चमक म्हारासा रो पाटो चमकै २. पाटे ऊपर बैठ्या गुरुदेव दीपे || १|| चमक-चमक म्हारासा रो ओघो चमकै. काम्यां ऊपर ऊन सतियां जी बन्टे ।। २॥ चमक-चमक म्हारासा री मुखपत्ति चमकै, मुखपत्ति रो डोरो श्रावक निरखै ।। ३।। चमक-चमक म्हारासा रो

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