Subah Subah Uth Kar Bhikshu Bhikshu Bol Tu
भिक्षु स्तुति (रचयिता : मुनि सुमतिकुमारजी) (लय- बादलियो आंखडल्या में) सुबह-सुबह उठकर भिक्षु-भिक्षु बोल तूं, संकट सब कट जावैला, ओ सुजना ।। विघ्न हरण ओ मंगलकारी नाम है, दुःख में आडो आवैला, ओ सुजना ।। १. सांवरिये रो सुन्दर नाम, प्राणां स्यूं भी प्यारो है, बल्लूशा रो पुत्र, माता दीपां रो दुलारो है । भक्तां […]