Michhami Dukkadam Geet,jain Bhjan
जो कुछ भी पाप हुआ तुमसे मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं, भगवान आपकी साक्षी से मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं गुरु देव आपकी, साक्षीसेमिच्छामिदुक्कडंलेताहूं, अपनी आत्मा की साक्षी से मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं 1.पंचाश्रव पाप अठारह का, जो सेवन किया कराया हो। इस भवमे या पिछले भवमे, मिच्छामि दुकक्डं लेता हूं 2.कर्मों के र्कता राग द्वैष,ये नाच […]