Vairagya

Adhyatmik, Nirgun, Satsang, Vairagya

Kisi Ke Kam Jo Aaye Use Insan Kahte Hai

आध्यात्मिक भजन किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते  हैं पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं यह दुनियाँ एक उलझन है, कहीं धोखा कहीं ठोकर।  कोई हँस-हँस कर जीता है, कोई जीता है रो-रोकर ॥  जो मुश्किल में ना घबरायें, उसे इन्सान कहते हैं। अगर गलती रुलाती है, तो राहें भी दिखाती है।  […]

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Jindagi Pyar Ka Geet Hai

(लय – -जिंदगी प्यार का गीत है ) जिंदगी प्यार का गीत हैं.  हर दिल को गाना पड़ेगा  जिंदगी गमका सागर भी है हंसके उस पार जाना पड़ेगा जिसका जितना हो आचंल यहाँ पर   उसको सौगात उतनी मिलेगी  फूल जीवन में गर ना मिले तो  काँटो से निभाना पड़ेगा है अगर दूर  मन्जि ल तो

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Satsangat Se Sukh Milta Hai

सतसंगत से सुखमिलता है  जीवन का कण-2 खिलता है। सत्संगत से सद्‌ज्ञान मिले  सत्‌संगत से भगवान मिले पानी से पौधा फलता‌ है ② सतसंगत से वैराग्य बढ़े  सतसंगत से सौभाग्य बढ़े  दीपक से दीपक  जलता है ③ नास्तिक भी आस्तिकता पाता  पापी भी पावन बन जाता  चाबी से ताला खुलता है। मानव को  जैसा संग

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Maya Ke O Pujari Aage Ki Kuch Khabar Hai

माया के ओ पुजारी आगे की कुछ खबर है।  इस घर से और आगे एक दूसरा भी घर हैं। ① इतना ना जुलम करतू धरती भी काँप जाए।  वरना दुखी की आहे तेरा निशां मिटाये  अब भी जरा संभल तू डर मौत का अगर है। 2) जो पाप कर चुके हैं और अब भी कर

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Bada Dukh Paya Re Tujhko Bisar Ke

(लय- छुप गया कोईरै) बड़ा दुख पाया रे तुझको बिसार के  रंग अनोखे देखें, इस संसार के भूले उपदेश तेरा ये, जगवासी,  चोला अनमोला खोये बनकर विलासी  कर्मों की वीणा बाजे पापों के तार से ।। भटके पथिक अब हुए हैं. दीवाने गकर्म की गति को कोई नहीं पहिचाने    प्यासे है सब तेरी अमृत सी

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Meettho Meettho Bol Tharo Kai Bigade

(तर्ज-धीरे-2 बोल कोई सुन ना ले) मीठो-२  बोल थारो काई बिगड़े ,काई बिगडै़ थारो काई बिगडै़-३  इस दुनियां में गम नहीं ,कब निकले प्राण मालुम नहीं   सोच समझ लेना तु ये संसार  खाली झोली मत भरना तु यार  तु जान ले पहचान ले, संसार किसी का घरनहीं कब निकले प्राण मालूम नही भूल गया  क्यों

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Is Madhur Jingani Ka Bharosa Nahi

( तर्ज – तुम अगर साथ देने का वादा करो) इस मधुर जिन्द‌गानी का भरोसा नहीं । कोन जाने ये पंछीकब उड़‌ जायेगा  तेरा वश न चलेगा कोई भी वंहा काल जब सिर पे आकर के मंडरायेगा ये मानव का भव् है बड़ा कीमतीपुण्य काहोउदय  तब कहीं ये मिले गर विषय‌वासनाओं में डूबे रहे पाप

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Manushy Janm Anmol Re

मनुष्य जन्म अनमोल रे,  इसे मिट्टी में नही, रोल रे  अब जो मिला है फिर ना मिलेगा,  कभी नही कभीनही कभी नही,  राम नाम तू बोलरे जीवन में रस घोल रे, अब जो मिला है– तूहै बुलबुला पानीका, मत कर जोर जवानीका, नेक कमाई कर ‌ले रे बन्दे, पता नही जिंद्‌गानी का सबसे मीठा बोल

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Jeevan Ka Bharosa Nahi,satsang

(तर्ज : मैया नवरातों में…..) जीवन का भरोसा नहीं, कब मौत आ जायेगी, काया और माया तेरी, तेरे साथ ना जायेगी।। काया पे गूमान ना कर, ये तो माटी का खिलौना है, तेरा चाहा होना नहीं, लिखा भाग्य का होना है, तेरा और मेरा छोड़ – 2, जीवन ज्योति बूझ जायेगी ।। 1 ।। दौलत

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Sanso Ka Kya Bharosa,

भजन (लय – यूही कोई मिल गया था सरे राह चलते -2) सांसो का क्या भरोसा- २ रुकजाये चलते चलते -2 जीवन की है जो ज्योति -२ बुझ जाये जलते जलते 2 सांसों का क्या भरोसा — -जीवन है चार दिनका -2 दो दिन की हैज‌वानी-2 जब आयेंगा बुढापा -२थक जाये चलते चलते  सांसो का

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