Mahavir Swami

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Aatm Vijeta Shree Mahavir

अनुपम ज्योति किरण लायै, सबके मानस हर्षायें  (लय- नीले घोड़े रा असवार) आत्म विजेता श्री महावीर आये गहन तिमिर को चीर अनुपम ज्योति किरन लाये सबके मानस हर्षाए  क्षत्रिय कुंड ग्राम  के प्यारे ,क्षत्रिय कुल उजियारे  शांति विधायक बोधि प्रदायक जन -२ नयन सितारे  लाये अमृत मय संदेश, हरने रोष रागअरु दैष  अनुपम ज्योति किरन […]

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Sare Jag Me Jagayi Jyoti Gyan Ki

(लय- निर्बल से लड़ाई बलवान की), (दिया और तूफान ( सारे जग में ज्योति ज्ञानकी  ये कहानी है महावीर भगवान की चेत सुदी तेरस आई क्षत्रिय कुण्ड में खुशी छाई  वहाँ जन्म हुआ रे प्रभु वीर का  सिदार्थ  के दुलारे माता त्रिशला के प्यारे   वर्धमान धरा रे नाम वीरका  देव देव्या सज आये मेरू शिखर

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Mahavir Ki Vani KO Ghar Ghar Pahuchana Hai

(तर्ज- संसार है इक नदियां)( रफ़्तार) महावीर  की वाणी को घर-2 पहुंचाना है  निर्वाण महोत्सव को, जो सफल बनाना है। बलिदान प्रधाओं से धरती भी थराई  अवतार लिया प्रभु ने सुख सरिता लहराई   सिखलाई लाई जीव दया, उसको न भुलाना है। जीयो और जीने दो सद‌भाव रहे  मन में  गिनती के सांस भरे इस माटी

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Veer Tera Sumiran Kari Mai Subah Sham

(तर्ज-श्याम तेरी वंशी (गीत गाता चल) वीर तेरा सुमिरन करू मै सुबह शाम    ऐसे ही काटू मै कर्मो के वाण त्रिशला के नन्दन को लाखो प्रणाम  झुक झुक कर  गाता रहूं में गुणगान भक्ति की राहो में बाधा न आए  कितने भी गम हो सभी भूलजाए  ऐसा ही वर दो है किरपा निधान  तुम

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Milega Hamko Prabhu Ka Dwar

(लय -धर्म की लौ जलाये हम)  मिलेगा हमको प्रभुका द्वार -2 प्रभु का द्वार मिलेगा यदि जुड़ेंगे दिल से तार ①. माला के मनको पर यद्यपि, जाप सदा करते हैं।  पर अन्दर की अस्थिरता  से इधर उधर फिरते हैं।  सब कुछ खोकर भी पाने का रहता एक विचार। ② जनम अनन्ती बार लिया हमने इस

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Vighan Vinayak,Mangal Dayak

(लय – मंगल भवन अमंगल हारी)  विघ्न विनायक मंगल दायक  शासन नायक शांति विधायक  वीर महावीर, जय -2 वीर महावीर प्राप प्रणाशी सिद्धी निवासी  तिमिर हरण प्रभु ज्ञान  प्रकाशी  वीर महावीर जय-2 वीर महावीर ज्योति चरण जग शरण तुम्ही हो,  जीवन पावन करण तुम्ही हो  वीर महावीर जय जय वीर महावीर  घट घट के तुम

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Mahavir Ki Vani Ko Ghar Ghar Pahuchana Hai

( लय- संसार है इक नदिया (रफ्तार) महावीर की वाणी को घर-2 पहुंचाना है।  निर्वाण महोत्सवको जो सफल बनाना है बलिदान प्रथाओं से धरती भी थर्रायी  अवतार लिया प्रभु ने ने सुख सरिता लहरायी  सिखलाई जीव दया उसको न भुलाना है  जीयो, और जीने दो सद्‌भाव रहे मन मे ! . गिनती के श्वास भरे

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Veer Nam Ati Meetha

वीर नाम अति मीठा है कोई गाकर देखले   आ जाते महावीर कोई बुला कर देख लें  जय महावीर जय महावीर जय महावीर कहिए  रोम-रोम बोले ऐसा जय महावीर कहिये  ① सुमरिण से हीआजाते हो कोई बुलाने वाला  मिळ आते महावीर, कोई हो मोल चुकाने वाला  कोई सच्चे मन से उनको ध्याकर देख ले आ जाते

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Mahavir Aap Padhare

महावीर भजन (लय- जहां डाल डाल पर) शुभा तिथि शुक्ला तेरस को प्रभुवर आप पधारे । त्रिशलानंदन प्रभु प्यारे ।। विपुल बढ़ा धन धान्य जन्म से, वर्धमान कहलाए । देव पराजित हुआ खेल में, महावीर बन छाए । देवों को सन्मति प्रदान की, सन्मति के रखवारे ।।1।। सिद्धार्थ कुल के नंदन तुम हो, नंदीवर्धन भ्राता

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Aao Prabhu Mohe Darshan Dedo

( लय- बारबार तोहे क्या समझाऊं) आभओ प्रत्रु मोहू दर्शन दो, मैकब से करपुकार तुम बिन प्रभुजी कौन करे कर भवचार हाथ जोड़ में अरजकरू सुतजग के पालन हार (कुम बिन प्रभुजी बैन करे भवपार लख चोरासी फिर करू‌आयो पास तेरे जन्म मरण दुख मेटो दीनावाथमेरे छल भऔर उपर भरा‌द्वतिया में सच भी जाताहर)A पलक

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