Taro Taranhar
(लय ना कजरे की धार) तारो तारण हार, प्रभु करुणा के अवतार मै खड़ा तुम्हार द्वार नैया पार लगादो ओ प्राणो के के आधार ओ जीवन के श्रृंगार है जुड़ी से तुझे तुम्ही से तार, सोयी शक्ति जगादो ① लाखों को तुमने तारा, तोड़ी कर्मो की कारा हो ज्योति पुंज प्रभुवर तुम हरते जगका अंधियार […]