Vidayi Geet

Vidayi Geet

Babul Ka Ghar Janm Bhumi Hai Karma Bhumi SASURAL(vidayi Geet)

(तर्ज-चांदी जैसा रंग है तेरा –) विदाई गीत  बाबुल का घर जन्म भूमि है, कर्म भूमि ससुराल  दोनो कुल की लाज लाडली, रखना आज संभाल 1. भाई की लाडो, मां की दुलारी,बाबुल का अभिमान   . तेरे बिना सब सुना होगा घर आंगन और द्वार   इस चौखट से उस चौखट तक, रखना जी को संभाल कैसै […]

Vidayi Geet, Vivah Geet

Bas Itna Hi Sang Tha Tumhara Hamara

बस इतना ही संग था तुम्हारा हमारा,  जाओ बेटी खुश रहना ले लो आशीष हमारा,  बस इतना ही संग था तुम्हारा हमारा कोई बदल ना पाया ये दस्तूर पुराना  छोड़ के माँ का आँचल संग पिया के जाना  हुई परायी रहा न तुम पर वो पर वो अधिकार हमारा,  बस इतना ही संग था  तुम्हारा,

Mangal Bhawna, Vidayi Geet

Chhod Hame Jaye Samani Ji

(लय-माईन माईन) छोड़ हमें जाये सतिवर जी कैसा कैसा लगता  नाम विदाई का सुन सुनकर मन भर भर के आता  जाते क्यो बोलो 2 पुण्याई है। प्रबल हमारी भैक्षवशासन पाया  तेरापंथ सा नंदनवन और कल्पतरू सी छाया  गण का सुयश बढाये सबमिल 2 अनुशासन मन भाता । पावस मे सब रंग लगाया, भूल नहीं पायेंगे,

Mangal Bhawna, Vidayi Geet

Vidayi Ki Is Bela Me

विदाई की इस बेला में (लय- ए मेरे वतन के लोगों) विदाई की इस बेला में ये अंखियां भर-भर आई।  प्राणों से प्यारे सतिवर, देती मैं आज विदाई ॥ ① स्वागत में मिलजुल हमने, खुशियों को दीप जलाए । अभिनन्दन के गीत सभी ने, मधुर मधुर थे गाये थे  घडिया अनचाही सी, आई क्यू बिना

Mangal Bhawna, Vidayi Geet

Mere Sativar Karo Swikrit

 मेरे सतिवर करो स्वीकृत  (लय- मेरा जीवन कोरा…..) मेरे सतिवर करो स्वीकृत वंदना शत् बार  अथक श्रम से,धर्म की तुमने बहाई धार।। अमर पथ के पथिक बन तुम बह रहे ज्यों नीर  लक्ष्य पाने बढ़ रहे हो त्यों बड़े रणधीर  हर घड़ी-२ रूं रुं में संयम की उठे झंकार।। नहीं किसी की चीज़ कभी भी

Mangal Bhawna, Vidayi Geet

Sativar Ji Ki Shital Chandni Suhayi

(लय- यशोमती मैया से बोले नंदलाला)  सतीवरजी (कनकसति)की शीतल, चांदनी सुहायी । भारी मना स्यु थाने देवा विदायी  सहजता सरलता करूणा दिल में समाई  वचन मधुरता जाण घोल घोल पायी जठ भी पधारया भी गणरी-2 ख्यात जमायी  देवा विदाई  बिज्ञ विदुषी आगम-थोकड़ा रा ज्ञाता गुरुदेव खुद भी थारै गुणा ने सराता ममता व समता दोन्यू

Mangal Bhawna, Vidayi Geet

Aaj Vidayi Lene Sativar

(लय- मिलो न तुम तो) आज विदाई लेने सतिवर, हो गए हो तैयार उदासी छा रही है  पावस पूरा करके सानन्द ,कर रहे आप विहार  उदासी छा रही है  ④ ओ प्यारे सतिवर तुमने, सींचा चमन को अमृत धार से रक्षा की सब सुमनों की, तुमने बहुत ही प्यार से  ज्ञान सुना कर। भक्ति जगाकर

Vidayi Geet

Vidayi Geet- 2

(विदाई गीत -करो तुम कर्म निभर्य हो) सुखद हो आपकी यात्रा विदाई के  ये पल आये  समपर्ण ज्ञानशाला का यहीं उपहार हम लाये । बीत गये दिलं पुण्य पावन दौड़ चरणों में आतेथे अलौकिक देशना पाकर धर्म रस में नहाते थे।  मुनि श्री (आपसे) मिली उर्जा शब्द नहीं कैसे कह पाये आपकी कार्यशालाएं     

Vidayi Geet

De Kaise Aaj Vida Man Bhar Bhar Aata Hai

(लय- होटों से छूलो तुम) दे कैसे आज विदा मन भर-भर आता है  दुर्लभ सानिध्य मिला, जाना न सुहाता है।  आये थे जिस दिन तुम कितनी खुशहाली थी खुशियों की धन वर्षा फैली नव लाली थी।   पर आज उदासी है यह दिल अकुलात्ता है उत्तरे-2 चेहरे मन खोया – 2 है। जिस और भी देखें

Swagat Geet, Vidayi Geet

Jago Neend Tyago Bat Mano Santo Ki

   जागो नींद त्यागो, सीख सुनलो संतोंकी  इन संतो में झलक अरहंतो की  ये त्यागी  है वैरागी है, बस प्रभु पद के अनुरागी है   रहती भीड़ हरदम श्रीमंतोकी नियमित दिनचर्या कसी -२जीवन में शील सुंगध बसी मानो महक अनंत बसंतों की नही मठ मंदिर आवास कहीं, सेवा पूजा की, प्यास  नहीं क्या तुलना संत मंहतो

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