Tu Hi Moksh Gami Prabhu Parshv Swami
तर्ज :- ( तू ही मेरा मन्दिर तुम्ही मेरी पूजा) तू ही मोक्षगामी प्रभु पार्श्व स्वामी, तेरे चरण में मेरी वन्दना है। नहीं कोई साथी जहाँ में है मेरा, जीवन है सूना छाया अन्धेरा, हे दीन बन्धु, तूं ही ज्ञान सिन्धु, करूँ तेरी भक्ति यही भावना है ।। १ ।। तू ही मोक्ष कहूँ किसको […]