Dil Ki Har Dhadkan Se Tera Nam Niklata Hai
।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-बचपन की मोहब्बत…) दिल की हर धड़कन से, तेरा नाम निकलता है। कान्हा तेरे दरशन को, तेरा दास तरसता है ।। टेर।। जन्मो पे जन्म लेकर, मै हार गया मोहन, *दर्शन बिन व्यर्थ हुआ, हर बार मेरा जीवन । अब धीर नहीं मुझमें, कितना तूं परखता है ।।१।। कान्हा तेरे.. […]