Aarto
आरतो चोवा चान्दण चान्दण गार घलाय, नीपो घर ओरा ओबरा जी । जठ मोत्यां को मोत्या को चौक पुराय, सींघासण घालो बेसणा जी । जठ बैठ सा (नाम)सा रा जोध, थे तो करो ओ भुवा बाई आरतो जी । म्हार आरतड़ म लीलोड़ा नारेल, रुपिया ओ पुरा ड़ोढ़स जी । बाईरी सासु बाई री सासु […]