Lage Rom Rom Me Tap Ro Tej Suhavano Re
(लय-आयो जैन जगत रो प्रमुख पर्व संवत्सरी रे) लागे रोम रोम में तप रो तेज सुहावनणों रे, म्हारे तपसी रो दीदार घणो मन भावणो रे। लागे रोम रोम में 1. तपसी धीरे-धीरे चाले तन मन वाणी न संभाले, दर्शन ज्ञान चरित्र रुखाले, घाले शुद्ध भावना रा रस, आज घणो घणो रे।। लागे रोम रोम में […]