Author name: Sunita Dugar

Mahavir Swami

Maya Mamta Moh Ka Mahan

(लय : उंची उंची दुनियां की दीवारें ) माया ममता मोह का महान बन्धन तोड़के जी तोड़ के हो महावीर, कैसे आप निकले घर छोड़के… २ रुखी सुखी रोटी भी तो हम से छुट नहीं सकती,  सड़ी गली इस वे चीजो से, काया रुठ नीं सकती।  कैसे पकवान छोड़े खाने के राज रसोड़े,  चले गये […]

Mahavir Swami

Run Jhum Baje Ghooghara

(लय : रुण झुन बाजे घुंघरा) रूण झुन बाजे घुंघरा कोई झीणी बाजे ताल रे-२ सोने की असवारी मांही-२ आवे प्रभु महावीर रे ………..जीओ-३ अन्तरा ए तो सिद्धार्थ रा लाडला, ए तो तीन लोक रा नाथ रे, जैन धर्म रे उपदेशां ने=२ फैलाया प्रभु वीर रे… .जीओ-३ ॥१॥ थांरा दर्शन करवा आया, ऐ तो देव

Mahavir Swami

Chandani Fiki Pad Jyave

(लय : सूरज बादल में छिप जा रे) चांदनी फीकी पड़ जावे, चमक तारां री उड़ जावे,  म्हारै महावीर र तेज सामने, सूरज शरमावे ॥चांदनी.. ॥ अन्तरा त्रिशला थारां लाडलाजी सिद्धार्थ रा लाल,  वीरजी-२..  गर्भ आवताँ रत्न बरसिया, दुनिया हुई निहाल । चांदनी….. ऐरावत चढ़ इन्द्र आविया, जन्म लेवता पाण, वीरजी-२.. पाण्डुशिला पर न्हावण करायो,

Mahavir Swami

Trishala To Jayodo In Duniya Me Jadu Kargyo

  (लय : नखरालो देवरीया भाभी पर जादू) त्रिशला रो जायोड़ो, इण दुनियां में जादू करग्यो जादू करग्यो ओ तो जादू करग्यो । त्रिशला रो जायोड़ो… अन्तरा चैत सुदी तेरस दिन, राजा सिद्धार्थ घर जायो ।- २ कुण्डलपुर में जन्म लियो है, घर घर आनन्द छायो ॥-२ राज घराने रो सूरजियो, इण दुनियाँ में जादू

Mahavir Swami

Ghunghroo Chham Chhama Chham

(लय : ढोला ढोल मजीरा बाजेरे) घुंघरु छम-छमा छम छन ननननन बाजै रे,  त्रिशला नन्दन वीर प्रभु, म्हारे हिवड़े बिराजे रे ॥ कुन्डलपुर में जनम्या भगवन, घर घर मंगलाचार,  देव देवियां मंगल गावे, प्रभु लियो अवतार. ……. घुंघरु ॥१ ॥ त्रिशला नन्दन मंगलकारी, मंगल प्रभु रो नाम,  वीर प्रभु रो ध्यान धरो, सब मिलकर आठों

Mahavir Swami

Bahut Dhyan Dharte Hai

(लय : बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम) बहुत ध्यान धरते हैं महावीर का हम  नाम चाहे ले लो-२ जितना भी कम ऽऽ ।  बहुत ध्यान धरते है महावीर का हम ॥ १. लाखों की नैया को तुमने ही तारी नाम तुम्हारा मंगलकारी, करुणा के सागर-२ प्यासे हैं हम ऽऽ ।  बहुत ध्यान धरते है

Mahavir Swami

Kundalpur Wale

कुंडलपुर वाले तुमको जपुं मैं आदूँ याम।  त्रिशला के लाले चरणों में कोटि प्रणाम। अंतरा १. अखिल निरंजन, भव भय भंजन त्रिशला नंदन,  कलुष निकंदन, मैं रज कण, तूं मस्तक चंदन,  तूं ही तो मेरा तीर्थ धाम ॥ महावीरा… २. अष्ट कर्म के हो तुम हंता, दर्शन ज्ञान चरित्र अनंता,  मैं निर्बल तूं, अति बलवंता,

Mahavir Swami

Prabhuji Mhane Le Chalo

(लय : मोरियो आच्छो बोल्यो-३) प्रभुजी म्हांने ले चालो, थारां देश में,  प्रभुजी थांर देशा में, सुख दुःख ना मिले-३ ओ तो जन्म मरण मिट जाय, प्रभुजी म्हांने… स्थायी अन्तरा प्रभुजी लाख चौरासी, भटक्यो ना मिले-२ पायो मिनख जमारो म्हे तो आज, प्रभुजी…. म्हांने… ॥१ ॥ प्रभुजी निरख्यो ओ मुखड़ो, पूनम चाँद सो-२ थाँरी आवे

Mahavir Swami

Jis Bhajan Me Veer Ka Nam N Ho

(लय : यदि भला किसी का कर न) जिस भजन में वीर का नाम न हो। उस भजन को गाना ना चाहिये ॥  जिस जगह पे अपना मान न हो। उस जगह पे जाना ना चाहिये ॥ चाहे बेटा कितना प्यारा हो। उसे सर पे चढ़ाना ना चाहिऐ ॥ चाहे बेटी कितनी लाड़ली हो। आजाद

Mahavir Swami

Manava Ho Manava Veer Prabhu Ka

(लय : मांई न मांई) मनवा हो मनवा वीर प्रभु का नाम सदा सुखकारी।  जो भी जपता पार उतरता नाम सदा जयकारी ॥  जय जय वीर जय महावीर ॥ १. अपनी किस्मत बहुत बड़ी है वीर प्रभु को पाया। भाग्योदय से पुण्य फले हैं पाई शीतल छाया।  चरणों में जो भी आया है, है उसकी

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