Author name: Sunita Dugar

Adinath, Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Avasar Aaya Hai, Akshay Tritiya

अवसर आया है अवसर आया है अवसर आया है अक्षय तृतीया आज मनाएं तप की महिमा खूब बढ़ाएं प्रभु चरणों में भेंट चढ़ाएं १. मरुदेवा पाता के नन्दन। नाभिराज के तुम कुल चन्दन। श्रद्धा से हम करते वन्दन ॥ २. कर्म भूमि के प्रथम प्रणेता। प्रथम महीपति, युग के नेता। वने प्रथम मुनि आत्म विजेता […]

Adinath

Rishabh Tere Charno Me,

ऋषभ तेरे चरणों में, कोटि वन्दना हमारी है। श्रद्धा के दीप लेकर, करते आरती तुम्हारी हैं। १. नाभि के दुलारे हो, मरुदेवा के सुत प्यारे। तुमसे ज्ञान मिला सबको, प्रभुवर उपकारी हैं ॥ २. तुमने युग प्रवर्तन कर, ले ली थी श्रमण दीक्षा। भिक्षा नहीं मिली आपको, चर्या कठिन तुम्हारी है ॥ ३. जनता हाथी

Tapsya Geet, Varshitap

Akshay Tritiya Ka Su Pawan Parv Aagaya

अक्षय तृतीया का सुपावन पर्व आ गया ।  दे रहा-२, संदेश तप का हर्ष छा गया ॥ १. प्रथम तीर्थकर ऋषभ भगवान मुनि बन कर।  आहार पानी के लिए वे घूमते घर-घर।  अन्त में-२, श्रेयांस सारा राज पा गया ॥ २. मात्र भिक्षा ग्रहण करना चाहते बाबा।  लोग देते जो, नहीं वो चाहते बाबा । 

Krishna Ji, Shyam Bhajan

Chhoti Chhoti Gaiya Chhote Chhote Gwal ,

छोटी छोटी गैय्या, छोटे छोटे ग्वाल, छोटो सो – 2 मेरो, मदन गोपाल ।। आगे आगे गैय्या, पीछे पीछे ग्वाल, बीच में मेरो, मदन गोपाल  घास खावे गैय्या, दूध पीवे ग्वाल, माखन खावे मेरो, मदन गोपाल काली काली गैय्या, गोरे गोरे ग्वाल, श्याम वर्ण मेरो, मदन गोपाल छोटी छोटी लखूटी, छोटे छोटे हाथ, बंसी बजावै

Krishna Ji, Shyam Bhajan

Sanwre Ki Jyot Ko Jaga Ke Dekh Le

सांवरे की ज्योत को जगा के देख ल तर्ज : दुनियां चले ना….. सांवरे की ज्योत को जगा के देख ले, आयेंगें कन्हैया, तू बुला के देख ले ।। फूलों से सजा लो, चाहे लाख दरबार, भावना नहीं तों, सब कुछ बेकार, भावना से श्याम को, रिझा के देख ले ।। 1 ।। करोगे दिखावा,

Bheruji

Kirtan Me Aap Padharo Ji Bheruji Ji Maharaj

तर्ज : महाप्राण गुरूदेव…. कीर्तन में आप पधारो जी, भैरूंजी महाराज म्हारी विनती थे स्वीकारो जी, भैरूंजी महाराज ।। थे हो शंकर रा अवतारी, थांनै ध्यावै दुनिया सारी, थे डमरू बजाता आओ जी, भैरूंजी महाराज.. 11111 थांनै स्वान सवारी प्यारी, थांरी महिमा है अति भारी काली का, लाल कुहावो जी, भैरूंजी महाराज…… ।।2।। मस्तक पर

Bheruji

Bheru Baba Kasht Sab Har Lijiye,

भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये, (तर्ज : दिल के अरमां….) भैरू बाबा कष्ट सब हर लीजिये, मेरे मन में शांति भर दीजिये ।। तिलक सिन्दूरी सुहाये भाल पर, है चकित सब भूत तेरी चाल पर, हाथ में अब शस्त्रों को ले लीजिये ।। 1 ।। आपके दरबार में जो आ गया, अपना सारा कष्ट

Bheruji

Toliyasar Ka Bheruji,

(तर्ज : बन्ना रे बागा में) तोलियासर का भैरूंजी, मैं चरण नवाऊं शीष । मैं बालक अज्ञानी हूँ तो, ज्ञान करो बक्सीस ।। भैरूं जी थांरी महिमा भारी – 2, थारै आवै दुनियाँ सारी, भैरूं तोलियासर वाला ।। भैरूं जी, चोसठ जोगणी आवै – 2, धोरां में घुमर घालै, भैरूं तोलियासर वाला ।। 1 ।।

Guru Bhakti Bhajan

Gurudev Daya Karke Mujhko Apna Lena

तर्ज : ऐ ! मेरे दिले नादान….. गुरूदेव दया करके, मुझको अपना लेना। मैं शरण पड़ा तेरी, चरणों में जगह देना।। करूणा निधि नाम तेरा, करूणा दिखला जाओ, सोये हुये भाग्यों को, हे! नाथ जगा जाओ, मेरी नाव भंवर डोले, इसे पार लगा देना ।।1।। गुरूदेव दया करके. तुम सुख के सागर हो, निर्धन के

Krishna Ji, Shyam Bhajan

Vanshi Bajegi Radha Nachegi

बंशी बाजेगी, राधा नाचेगी (तर्ज : बिन्दीया चमकेगी…..) बंशी बाजेगी, राधा नाचेगी, चाहे जग रूठे तो रूठ जाए, कि बंशी बाजेगी ।। तेरी बंशी बड़ी जादूगारी, जुलम मेरे साथ करे – 2, सारी रात जगाए बैरन, मेरी नींद चुरायें, मैं तो नाचूंगी – 2, चाहे घर छूटे तो छुट जाए ।। 1 ।। राधा रानी

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