Author name: Sunita Dugar

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Jeevan Ka Bharosa Nahi,satsang

(तर्ज : मैया नवरातों में…..) जीवन का भरोसा नहीं, कब मौत आ जायेगी, काया और माया तेरी, तेरे साथ ना जायेगी।। काया पे गूमान ना कर, ये तो माटी का खिलौना है, तेरा चाहा होना नहीं, लिखा भाग्य का होना है, तेरा और मेरा छोड़ – 2, जीवन ज्योति बूझ जायेगी ।। 1 ।। दौलत […]

Krishna Ji, Shyam Bhajan

Kanheiya Ek Bar Suna De Thari Bansuri

(तर्ज : मोरिया आच्छो बोल्यो रे) कन्हैया, एक बार सुना दे थांरी बांसुरी, म्हारे हिवड़े में उठे रे हिल्लोर, कन्हैया ।। कन्हैया, बंशी सुण राधा हो गई बावली, प्यारी लागे थांरी बंशी, नन्द किशोर, कन्हैया ।। 1 ।। कन्हैया, थारै बिन्या ना म्हानें आवड़े, म्हारी आंखड़ल्यारी निन्दड़ली ले ई चोर, कन्हैया ।। 2 ।। कन्हैया,

Ramdevji Bhajan

Tum Araj Hamari Sun Lena

श्री रामदेव जी का भजन  (तर्ज : मैं जट यमला) तुम अरज हमारी सुन लेना ओ राम सा, नित नई प्रेरणा देना. तेरे गुणगान करते हैं, तुझ को नमन करते हैं । हम तो सर्वदा धाम रूणीचे आते रहे, तुम्हें व्यथायें, निज मन की सुनाते रहे यही स‌द्भावना जो है मनोकामना – 2, पूर्ण तुम्हीं

Ramdev Ji Bhajan

Khama Khama Ho Mhara Runicha Ra Dhaniya

खम्मा – खम्मा हो थानें तो ध्याव आं खो मारवाड़ हो, आखो गुजरात हो अजमाल जी रा कंवरा…. खम्मा – खम्मा हो म्हारा रूणीचा रा धनिया – 2 पहलो 2 परचो माता मेणा दे न दिन्यो उफणतो दुध थमायो धनिया, हो बाबा, अजमाल जी….. दुजो – 2, परचो बाणीया, दोइता न दिन्यो समन्दर जहाज तिराई

Shiv Bhajan

Ek Din Vo Bhole Bhandari L

(तर्ज : मिलो ना तुम तो) एक दिन वो भोले भंडारी, बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैं. पार्वती जी मना के हारी, ना माने त्रिपुरारी गोकुल में आ गए है ।। पार्वती से बोले, मैं भी चलूगां तेरे संग में, राधा संग श्याम नाचे, मै भी नाचूंगा तेरे संग मैं, रास रचेगा

Balaji, Hanuman Ji

Lal Langoto Hath Me Ghoto,

लाल लंगोटो हाथ में घोटो, “थारी जय हो’- पवन कुमार। वारी जाऊ बालाजी।। सालासर थारों देवरो, थारे नोबत बाजे द्वार, वारी जाऊ.. चैत सुदी पूनम को मेलो, थारे आवे भगत अपार, वारी जाऊ. गढ़ झोड़ा की जात झडुला, देवे लाखों ही नर नार, वारी जाऊ… ध्वजा नारियल चढ़े चूरमों, कोई सिर पर छत्र हजार, वारी

Mata Ji

Ab Ke Ma Vada Nibhana Hai,

अब के माँ वादा (तर्ज : दुनियां से सहारा…….) अब के माँ वादा निभाना है… अब के माँ वादा निभाना है इस बार के नवरात्रों में माँ, तुझे मेरे घर भी आना है ।। है रिश्तेदार हजारों मेरे, घर आते जाते रहते है, तुझ से भी रिश्ता है मेरा, सारे जग को ये बतलाना है

Mata Ji

O Sanchal Sachhiya Ma,

ओ साँचल संच्चिया माँ तर्ज : मेरे गीत अमर कर दो. ओ साँचल संच्चिया माँ, मुझे ऐसी शक्ति दो। करूँ सेवा मैं हर पल, मुझे ऐसी भक्ति दो।। ओसिया नगरी में माँ, मंदिर है बड़ा भारी, मूरत तुम्हारी माँ, लगती मन को प्यारी। पाकर दर्शन माँ के, (2) जीवन को सफल कर दो।। तेरे मन्दिर

Bhachya, Tapsya Geet

Cocakola Tamatar Aalu Chhola

कोका कोला टमाटर आलू छोला, इन सब का त्याग है देखो तपसण के आज उपवास है। वो मारासा आएं, वो पचखाण कराएं, वो मांगलिक सुनाए, इन सब का का ठाठहै हे, देखो तपसण के आज उपवास है वो सुसरासा आए, वो सासुजी आए वो चौबीसी सुनाएं, इन सब का ठाठहै देखो 3 बो जेठसा आए,

Bhachya, Tapsya Geet

Tap Ki Jyoti Me Tapkar Atma Banti Hai Kundan,

तप की ज्योति में तपकर (लय: कल्पतरू रा बीज फल्या) रचयिता : साध्वी निर्वाणश्रीजी तप की ज्योति में तपकर, आत्मा बनती है कुन्दन। तप की महिमा है भारी, तप से टूटे अघ बंधन ।। है धर्म निर्जरा संवर, मिलती मंजिल मनचाही,  टूटे बेड़ी कर्मों की, मिट जाए भव की त्राही।  लक्षित मग में गतिमय हो,

Scroll to Top