Tap Ka Hum Karte Abhinandan
तप का हम करते अभिनंदन (लय – कैसी वह कोमल काया रे….) रचयिता – नचिकेता मुनि आदित्य कुमार तप का हम करते अभिनंदन, गूंज रही आवाज। तप है सचमुच कितना पावन, गूंज रही आवाज। हिम्मत से खिलता तप उपवन, गूंज रही आवाज। तप का काम निराला, कर सकता साहस वाला। तप से बनती काया कुन्दन […]