Man Madhuvan Me Aayi Malay Bahar Hai (Mahashraman)
आई मलय बयार है (लय-खड़ी नीम के नीचे …) मन मधुवन में आई मलय बयार है । फूल-फूल, पत्ते-पत्ते में सौरभ आज अपार है ।। आं ।। तेरा-पथ के निर्मल नभ में नये दिवाकर महाश्रमण । पूर्वाचार्यों की प्रभुता-विभुता के ठाकर महाश्रमण । धरती से अंबर तक जय-जयकार है ।।१।। नई उमंगें नई तरंगें नये […]