Piya Girnar Na Jao
पिया गिरनार ना जाओ (तर्ज : कर सोला सिणगार, चाली पाणी ने पणिहार….) पिया गिरनार ना जाओ, तुम्हें राजुल बुलाती है, तुम्हें राजुल…। मुझे ना छोड़कर जाओ, तुम्हें राजुल बुलाती है, तुम्हे राजुल…।। ध्रुव ।। पिया लौटा के रथ अपना, क्यूं मेरे दिल को तोड़ा है, तुम्हें करुणा जो प्यारी है, मुझे रोती क्यों छोड़ा […]