Jain Bhajan

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Pyari Pyari Lage Navkar

-: प्यारो प्यारो लागे नवकार :- (लय : नखरालो देवरीयो..) प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो – २ म्हारै बसग्यो – रे भाया म्हारै बसग्यो – २  अमृत सो,  लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो ॥ ध्रुव ॥ मंत्र घणो उपकारी ओ है, गुण रो एक खजानो – २ दोरी बैला आडो आवै, […]

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Namo Arhantam Namo Bhagvantam

-: नमो अरहन्तं :- (लय : बाबो अलबेलो..) नमो अरहंन्त, नमो भगवन्तं ।  पार लगाए नौका, नमो महामन्तं ॥ १. राग ने द्वेष जिसमें, समता सुहाए,  एक ही घाट बकरी, शेर आए जाए।  महिमा निराली प्रभु की, नमो धैर्यवन्तं ॥ २. कोई न भाये तुमको, दिल में बिठाऊं,  रात दिवस क्या, पल-पल ध्याऊं ।  अपने

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Gaye Sab Milkar Gaye

(लय : बच्चे मन के सच्चे) गायें सब मिल गायें, अहँ का ध्यान लगायें।  महामंत्र नवकार जपें, मन तन्मय ये बन जाये ॥ ओम् णमो आयरियाणं, सव्व साहूणं के चरणों मे, १. ओम् णमो अरिहंताणं, ओम् णमो श्री सिद्धाणं। ओम् णों उवज्झायाणं । अपना शीश नमाएं ॥ … गायें २. एसो पंचणमुक्कारो, सव्वप्पाव पणासणो ।

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Japlyo Re Bhai Navkar

जपल्यो रे भाई नवकार जपल्यो रे भाई नवकार, इससे दुःखड़ा मिटता है।  मंत्र बड़ा नवकार, लख चौरासी कटता है। बोलो, णमो अरहंताणं, णमो श्री सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं ॥ ध्रुव ॥ १. पांच पदों की यह, अद्भुत माला है।  पीलो रे भाई, अमृत का प्याला है।  मोक्ष का रास्ता, बड़ा

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Mahamantra Navkar Sumiran

महामंत्र नवकार, सुमिरण नित्य करोजी, नित्य करो। जैनागम का सार, प्रातः ध्यान धरोजी, ध्यान धरो। १. श्रावक का आचार, पहला बतलाया जी, बतलाया। शुभ मन जपते जाप, मुक्ति-पद पाया जी, पद पाया। २. है स्वार्थ भरा संसार, कोई नहीं अपना जी, नहीं अपना। सुख-दुःख में आधार, नव पद है शरणाजी, है शरणा॥ ३. ले शरण

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Japlo Shree Navkar

(लय- मिलो न तुमतो) तन्मय होकर, मन को धोकर, जपलो श्री नवकार।  णमो अरिहंताणं, णमो श्री सिद्धाणं,  सब दुख हर्ता, मंगल कर्ता, महामंत्र नवकार।  णमो अरिहंताणं णमो श्री सिद्धाणं ॥ ध्रुव ॥१.  मोह को जिन्होंने मारा, अरिहंत देव विश्वाधार है।  अष्ट कर्म नष्ट किए, सिद्ध प्रभु अपुनरवतार है।  अशरण शरणं, भव भय हरणं परमात्मा अविकार

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Gaye Sab Milkar Gaye

गायें सब मिल गायें (लय : बच्चे मन के सच्चे) गायें सब मिल गायें, अहँ का ध्यान लगायें।  महामंत्र नवकार जपें, मन तन्मय ये बन जाये ॥  ओम् णमो अरिहंताणं, ओम् णमो श्री सिद्धाणं।ओम् णमो आयरियाणं ओम नमो उवज्झायाणं ओम्  नमो सव्व साहूणं के चरणों मे,   अपना शीश नमाएं ॥ … गायें २. एसो पंचणमुक्कारो,

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Om Ka Anup Roop

मंत्र नवकार है (लय : चुप-चुप खड़े हो……….) ॐ का अनूप रूप मंत्र नवकार है,  सर्व सिद्धिदायक जपो मंत्र नवकार है – २ १. णमो अरिहंताणं पद यह महान है,  सर्व सिद्धियों का मंगल प्रधान है।  मंत्राधिराज वीतरागता साकार है। सर्व सिद्धिदायक २. णमो सिद्धाणं अद्वितीय मंत्र है,  सच्ची उपासना से बनता स्वतंत्र है,  विघ्न

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Shraddha Vinay Samet

(लय : धर्म की जय हो) श्रद्धा विनय समेत, णमो अरहंताणं ।  प्रांजल-प्रणत-सचेत, णमो अरहन्ताणं ॥ ध्रुव ॥ आध्यात्मिक-पथ केअधिनेता।  वीतराग प्रभु विश्व विजेता।  शरच्चन्द्र सम श्वेत, णमो अरहन्ताणं ॥ ध्रुव ॥१ ॥ अक्षय, अरुज अनन्त अचल जो।  अटल, अरूप-स्वरूप जो,  अजरामर अद्वैत, णमो श्री सिद्धाणं ॥ ध्रुव ॥ २ ॥ । धर्म-संघ के जो

Jain Bhajan, Tapsya Geet

Sur Se Sunau Sargam Se Sunau

सुर से सुनाऊं, सरगम से सुनाऊं जन-2 को सुनाऊं, तन मन से सुनाऊँ सबको, महिमा वीर नाम की-2 ओ महिमा वीर नाम की 1. ओ आदिनाथ भगवान जिनका पालीतना है धाम-2 उन आदिनाथ भगवान की मेरा बारम्वार प्रणाम-2 सुर से सुनाऊँ…. 2. ओ वासुपूज्य भगवान जिनका चम्पापुर है धाम-2 उन वासुपूज्य भगवान को मेरा बारम्बार

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