Mata Ji

Mata Ji

Dhol Nagade Baje Shahnaiya

(लय- छोटे-छोटे भाइयोंके बड़े भैया ) ढोल नगाड़े बजे शहनाइयां ,आ गई आ गई आ गई मेरी 9 मैया  पहली मैया जम्मूकटरा से आई , नाम बता गई वैष्णो मैया  आ गई आ गई आ गई मेरी 9 मैया  दूसरी मैया मेरी हिमाचल से आई नाम बता गई गौरा मैया  आ गई आ गई आ […]

Mata Ji

Darbar Tera Maiya Bhakto Ne Sajaya Hai

(लय- क्या खूब लगती हो) -दरबार तेरा मैया भक्तो ने सजाया है  पर्वत से चली आओ, भक्तो ने बुलाया  है  चन्दन की चौकी पे, अब आन विराजो मां ,कबआओगी मैया मेरा दिल घबरायाहै तेरी लाल चुनरिया माँ भक्तो ने  मंगवाई अब आके ओढो माँ, भक्तो ने बुलाया है  तेरे हाथों  की मेहंदी माँ भक्तो ने

Mata Ji

Rat Rukoo Maiya Savere Chali Jana

( लय) रात रुको मैया सवेरे चली जाना -२  अभी हमने जी भर के देखा नहीं है -२ दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं सुनार की दुकानपे अभी हमने टीका मंगाया नहीं है  दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं मालन की दुकान पर  अभी हमने गजरा मंगाया नहीं है  दौड़ी दौड़ी जाऊं मैं बजाज की दुकान पर  अभी हमने

Mata Ji

Ab Ke Ma Vada Nibhana Hai,

अब के माँ वादा (तर्ज : दुनियां से सहारा…….) अब के माँ वादा निभाना है… अब के माँ वादा निभाना है इस बार के नवरात्रों में माँ, तुझे मेरे घर भी आना है ।। है रिश्तेदार हजारों मेरे, घर आते जाते रहते है, तुझ से भी रिश्ता है मेरा, सारे जग को ये बतलाना है

Mata Ji

O Sanchal Sachhiya Ma,

ओ साँचल संच्चिया माँ तर्ज : मेरे गीत अमर कर दो. ओ साँचल संच्चिया माँ, मुझे ऐसी शक्ति दो। करूँ सेवा मैं हर पल, मुझे ऐसी भक्ति दो।। ओसिया नगरी में माँ, मंदिर है बड़ा भारी, मूरत तुम्हारी माँ, लगती मन को प्यारी। पाकर दर्शन माँ के, (2) जीवन को सफल कर दो।। तेरे मन्दिर

Mata Ji

Dhoya Dhoya Angan Padharo Mhara Mataji,

धोया धोया आंगण पधारो लय : धोया धोया आंगण में  धोया धोया आंगण पधारो म्हारा माताजी – 2 थान टाबरिया बुलावें, बेग्गा आवो म्हारा माताजी थान बालकिया बुलावें, बेग्गा आवो म्हारा माताजी फूला स्यु थारों मन्दिर संजावा – 2 कण कण में थारो नाम बसावां 2 दर्शन देवण आवो म्हारा माताजी 2 थान टाबरिया—-. घिरत

Mata Ji, Panjabi Bhajan

मैंहदी मैं लावा ,पंजाबी Mehndi Mhe Lava

(मेरे मैया जी दे गौरे -2हाथ, मेहंदी मै लावा) (लय- असा परदेसी हाँ) लय – शेरावाली का आगया फौन टिनाटन घंटी बजी)  मेरी मैया जी दे गौरे 2 हाथ, मेहंदी मै लावा-3 मेहंदी दा बूटा मेरे रामजी ने लाया 2 सीता ने लाये दो हाथ मेहेंदी मै लावा  मेहंदी दा बूटा मेरे कृष्ण जी ने

Mata Ji

Chham Chham Karti, An-Dhan Bharti Maiya Laxmi Padharo,

(लय – चाहे राम बनके चाहे श्याम बनके) छम -छम करती अन -धन भरती मैया लक्ष्मी पधारो मेरे अंगना मैया सागर के मंथन से आई,श्री विष्णु को जाकर के ब्याही  हरी को साथ लेके ,कमल हाथ लेके ,मैया लक्ष्मी पधारो मेरे —  शेष सय्या पे आसन लगाये,अपने स्वामी के चरण द‌बाये  देव ध्यान धरते ,गुण

Mata Ji

Sher Sawari Karke Maiya,

( लय-जिसकी प्रतिमाइतनी सुन्दर वो कितना सुन्दर होगा) नवरात्रों के नौ दिन मैया नौ रूपों में आती है-२ शेर सवारी करके मैया सबको दरश दिखाती है – 2 ① कितना प्यारा कितना पावन  ये त्यौहार निराला है – 2 चारो तरफ खुशियों के मेले – चारो ओर उजाला है-2 हर मन्दिर मे हरआंगन में माँ

Mata Ji

Aa Gayi Hai Maiya Bhawan(shahar) Me Macha Shor

(लय-सावन का महीना) आ गई है मैंया भवन(शहर )  में मचा शोर) मैं बनी पतंग मेंरी मैया बन गई डोर)-२ इधर घुमायें चाहे उधर घूमाये जिस और चाहे मैया मुझको नचाये)-२ नाच रही मैं ऐसे जैसे वन में नाचे मोर –+ जिससे भी चाहे, मैया पैंच लड़ाये पास बुलाये चाहे दूर भगाएं  कटू या मैं

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