Mata Ji

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Mehandi Ka Rang Bada Lal

मेहंदी का रंग बड़ा लाल ले आऊ हर साल  लगाऊं माँ के हाथों मे  मैय्या को भावे लाल -2 सिन्दूरा ,जाऊं मै गंगा के पार  ले आऊ सिंदुरा लाल सजाऊं मां की मांगों में  ② मैया को भावे लाल लाल बिन्दिया जाऊ में गंगा के पार ले आऊ बिन्दिया लाल, लगाऊं माँ के माथे पे […]

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Var Degi Jholi Bhar Degi

माँ सच्चियाय आराधना (तर्ज – मन डोले मेरा तन… (नागिन)) वर देगी, झोली भर देगी,  तुम मां से करो पुकार रे, मात मेरी शेरावाली।। सब देवों में देवी बड़ी है, मैया। शेराँवाली,  सब भगतों पर महर करे माँ, नाम है मेहरांवाली, श्री भक्तों….. किस्मत जागे, दुःख दूर आगे, तू दोनों हाथ पसार रे।। अनहोनी को

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Mandir Hai Bharat Me Kai Ek Hajar

माँ सच्चियाय आराधना (तर्ज -आने से उस के…) मंदिर है भारत में, कई एक हजार,  मेरे मन आया, माँ तेरा दरबार,  सब से निराला है, माँ मंदिर तेरा,  दुनिया से न्यारा है, माँ मंदिर तेरा।। स्वर्ग से भी सुन्दर, मुझे लगता यहां का नजारा,  है हवायें शीतल, और पानी ज्यूं अमृत की धारा,  मिट्टी के

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Aao Aao Maiya Ji Bega Aao

माँ सच्चियाय तर्ज – ओ फिरकी वाली.. आओ आओ, मैय्याजी बेगा आओ,  जीमो जी भोग लगाओ, है है छप्पन  भोग  तैयार जी, थांरा टाबरिया करे है मनुहार जी।। केसरिया बर्फी, कलाकन्द, रबड़ी, पेड़ा, इमरती, बालुशाही,  लाडू बूंदिया, जलेबी, रसगुल्ला, गाजर पाक, रसमलाई,  गुलाब जामुन, शक्कर पारा-२,घेवर प्यारा प्यारा,  जीमो जीमो ,भावै तो और लिरावो, मैय्याजी

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Kabhi Fursat Ho To Jagdambe

(तर्ज : बाबुल की दुआयें लेती जा….) कभी फुरसत हो तो जगदम्बे, निर्धन के धर भी आ जाना, जो रूखा सुखा दिया हमें, माँ उसका भोग लगा जाना।। ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनड़ी घर में तारों जड़ी, ना पेड़े बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है नैन बिछायै खड़ी, इस श्रद्धा की

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Maiya Navratro Mai

(तर्ज : बाबुल का ये घर….) मैय्या नवरात्रों में, जब धरती पे आती है, किस को क्या देना है, यह सोच के आती हैं ।। पहले नवरात्रे में, माँ सबकी खबर लेती, दूजे नवरात्रे में, अपने खाते में लिख लेती, तीजे नवरात्रे में 2, बात आगे बढ़ाती है ।। चोथे नवरात्रे में, माँ आसन लगाती

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Sanchal Nam Ki Jyoti Jagava

(तर्ज : सिरियारो री सन्त) सांचल नाम की ज्योत जगावां, हिलमिल मां का मंगल गावां थांरे मंगल कारी नाम से मां दुखड़ा भागे, म्हानै मां सांचल रो नाम प्यारो प्यारो लागे 2 दुष्ट दलन कर मैया थे तो, भक्ताने उबारा जी महिषासुर को मर्दन किन्यो मधुकेटव संहारा जी देवाा बोले है जयकारा, ऋषि मुनि ध्यान

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Aaya Hu Sharan Me Teri

(तर्ज : करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं) आया हूँ शरण में तेरी, उपकार करो माँ, करूणा की सागर हो मेरा, उद्धार करो माँ बेड़ा पार करो माँ हे ! संच्चिया माता, है! ओसियां वाली ।। तुमने ना जाने कितनों की, बिगड़ी संवार दी, विनती सुनी है उसकी, माँ जिसने पुकार दी, मै भी हूँ बालक

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O Maiya Rang Layi Chunariya

हे मैया जी रंग लाई चुनरिया,  ओ मैया जी रंग लाई चुनरिया जयपुर का लहंगा, बनारस की सदी, हे मैया संग लाई चुनरिया,  आँखों में कजरा बालों में गजरा हे मैया जी ले आई माई बिंदिया होतो पे लाली, कानो पे में बाली,  ओ मैया जी ले आई नथनिया ओ मैया जी रंग लाई चुनरिया

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Ambe Maiya Ko Man Me Basa Kar

Ambe Maiya Ko Man Me Basa Ka Ambe Maiya Ko man mein basa kar ma keAmbe Maiya ko man me basa kar darshan kiye ja rahe Hain  shish charanon mein ma ke jhuka kar khud Ko Arpan kiye ja rahe Hain  Kale balon ki adbhut jaata hai  ma ke mukhde ki Anupam chhata hai  kaisi

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