Mahima Aparmpar Hai
श्री हनुमान आराधना (तर्ज – जिया बेकरार है…) महिमा अपरंपार है, ये सच्चा दरबार है, माँ अंजनी के लाल लाडले, तेरी जय जयकार है।। लाल लंगोटा लाल ध्वजा, तन, लाल सिन्दूर सुहाये हो, मुख में नागर पान लाल तेरी, महिमा वरणी न जाये हो, कंचन सा आकार है, कुंडल का श्रृंगार है।। गदा हाथ में […]