Ram

Hanuman Ji, Ram

Mahima Aparmpar Hai

श्री हनुमान आराधना (तर्ज – जिया बेकरार है…) महिमा अपरंपार है, ये सच्चा दरबार है,  माँ अंजनी के लाल लाडले, तेरी जय जयकार है।। लाल लंगोटा लाल ध्वजा, तन, लाल सिन्दूर सुहाये हो, मुख में नागर पान लाल तेरी, महिमा वरणी न जाये हो, कंचन सा आकार है, कुंडल का श्रृंगार है।। गदा हाथ में […]

Hanuman Ji, Ram

Na Swar Hai Na Sargam Hai

(तर्ज -ना धन है ना दौलत है…) ना स्वर है का सरगम है, ना लय ना तराना है,  हनुमान के चरणों में, एक फूल चढ़ाना है।। तुम बाल समय में प्रभु, सूरज को निगल डाले,  अभिमानी रावण के, सब दर्प मसल डाले,  बजरंग हुए तब से, संसार ने जाना है।। सब दुर्ग ढहा कर के,

Hanuman Ji, Ram

Thoda Thoda Kam Hanuman Ji Karenge

(तर्ज थोड़ा थोड़ा हंसना जरुर…) थोड़ा थोड़ा काम हनुमान जी करेंगे,  बाकी बचा काम श्रीराम जी करेंगे।। नैया  तुम्हारी डगमग डोले,  बेड़ा तुम्हारा खाए हिचकोले,  नैया पार हनुमान जी करेंगे,  बेड़ा तेरा पार श्रीराम जी करेंगे।। कौन है जो तेरी लाज बचाए,  कौन है  जो तेरा संकट मिटाए, दुख तेरा  दूर हनुमान जी करेंगें,  लाज

Hanuman Ji, Ram

Jago Jago Bajarang Bali

श्री हनुमान आराधना (तर्ज – दिल लूटनेवाले जादूगर) जागो जागो बजरंग बली, मैं तुम्हें जगाने आया हूँ,  माता अंजनी के लाल उठो, मैं नींद खुलाने आया हूँ।। सोने की झारी में भरकर, निर्मल गंगा जल लाया हूँ,  चंदन की चौकी पर बैठो, मैं स्नान कराने आया हूँ,  चोले के ले सामान वीर, मैं तुम्हें चढ़ाने

Hanuman Ji, Ram

Dete Hai Vo Ram Ka Kadam Kadam Par Sath

(तर्ज-देना है तो दीजिए…..) देते हैं वो राम का कदम कदम पर साथ,  रहे उनके सिर पर हरदम, श्रीराम प्रभु का हाथ।। जहां-जहां श्रीराम चलेंगे, वहां-वहां हनुमान जी,  जैसे जैसे राम कहेंगे, वो ही करें हनुमान जी,  प्रभु श्री राम की देखो, माने वो सारी बात ।। श्री राम पर दुःख आये तो, दुःखी हुए

Balaji, Hanuman Ji, Ram

Duniya Chale Na Shriram Ke Bina

दुनिया चले ना श्री राम दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना ।। जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैनें समझ ली है, रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना, हनुमान के बिना।। दुनियां…… लक्ष्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूंटी लाने के

Balaji, Hanuman Ji, Ram

Ram Shiya Ram Japle

(लय – और रंग दे रे ,)नीलघर (मारवाड़ी गीत) राम जपले रे सियाराम जपले रे – 2 म्हारा बालाजी ने दाय घणो आव रे, राम सिया राम जपले-३ थोड़ो नहीं तो बेशुमार जपले-2 बिगड्‌या बिन, काम बणजावे रे, रामसियाराम जपले मिश्री सो मीठो लागे स्वाद चखले -2 संकट में यो काम घणो आवेरे, राम ‌सियाराम

Hanuman Ji, Ram

Mhari Kutiya M Aao Bhagwan Jimau Thane Mijmani

(लय-म्हारे अब के बचाले म्हारी माय बटाऊ आयो लेवणन) महारी कुटिया में आओ भगवान, जिमावु थाने मिजमानी ऊंचा आसन आप बिराजो सेवा करूं भरपूर चरण धोय चरणामृत लेऊ हो हो—–२ लेके जी जनम सुधार, जिमाऊं थाने मिजमानी चावल दाल गंवा का फलका खूब बणायो साग – २. पूड़ी पकोड़ी और कचोरी, मुठडी बनाई मजेदार जिमाऊ

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