Bhikshu Swami

Bhikshu Ko Dil Me Basate Chalo,

(तर्ज : ज्योत से ज्योत) भिक्षु को दिल में बसाते चलो,  श्रद्धा का दीपक जलाते चलो।  दिल की दीवारों पै उनको बिठा,  जीवन के संकट मिटाते चलो ॥ 7. दीपां मां के लाल दुलारे,  बल्तु सुत उजियारे ।  कंटालिय में जन्म लिया था,  खिल गए भाग्य हमारे।  राहों की उलझन मिटाते चलो ॥ २. कैसा […]

Mahavir Bhajan

Harshit Man Dhyan Lagate Tumhara

हर्षित मन ध्यान लगाते, महावीर तुम्हारा। यह चढ़ा रहे चरणों में जीवन फूल हमारा ॥ जय त्रिशला नन्दन, जय त्रिशला नन्दन ॥ १. सिद्धार्थ कुल उजियारे, तुम पर नाज है। मां त्रिशला को चमकाया, प्रभु सरताज हैं। तुम जैन जगत् तीर्थंकर, सौभाग हमारा ॥ २. तुमने परखी भगवन्, जन-जन की पीर को। पलटा करके दिखलादी,

Mahavir Bhajan

Lag Rahi Rang Bahar M

लग रही रंग बहार, छाई खुशियां अनपार यह नगर हुआ गुलजार, वीर जयन्ती आई है ॥ १. सौभाग्यवती मां त्रिशला, जिसने पाया यह नन्दन। रोशन धरती का कण कण, जन जन करता है वन्दन। मन भावन, दिन पावन, हर्षित सब तुम्हें निहार ॥ २. मानव मानव के हित में, मैत्री की धार बहाई। तुमसे पा

Mahavir Bhajan

Jo Bhi Japta Par Utrata

जो भी जपता पार उतरता मनवा हो मनवा वीर प्रभु का नाम सदा सुखकारी।  जो भी जपता पार उतरता नाम सदा जयकारी ॥  जय जय वीर जय महावीर ॥ अपनी किस्मत बहुत बड़ी है वीर प्रभु को पाया। भाग्योदय से पुण्य फले हैं पाई शीतल छाया। चरणों में जो भी आया है-है, उसकी नैया तारी

Mahavir Bhajan

Trishala Nandan Ke Gun Hum,

मन मंदिर में दीप जलाएं त्रिशला नन्दन के गुण श्रद्धा से हम गाएं। शीश झुकाएं। भक्ति भाव से मन मंदिर में दीप जलाएं ॥ १. कुण्डलपुर में जन्मे प्रभुवर, सिद्धार्थ कुल उजियारे। भारत की पांवन वसुधा पर चमके वे जगमग तारे। प्रभु दर्शन कर सब हरसाए ॥ २. केवल ज्ञान मिला जब प्रभु ने ज्ञान

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Balam Chhoto So

BALAM CHHOTO SO पांच बरस रो मेघु डो  पचीसा ढल गयी नार बालम छोटो सो  छोटो मोटो मति करो कोई राख मरद री  लाज मोटो होय जासी   बजारा म जाता ढ़ोलो हट पकड्यो म्हाने झुनझुनियो दिरा दे घरनार बालम छोटो सो बालम छोटो सो  झुंझुनियो दिरासी थारा मायर बाप म्हारी छाती मत बालो भरतार

Mahavir Bhajan

Veer Jaynti Aaj Manaye

वीर जयन्ती आज मनाएं मन मंदिर में दीप जलाएं प्रभु के झूम झूम गुणगाएं, उत्सव आया है १. कुंडलपुर में प्रभुवर जन्मे । छाई खुशहाली कण कण में। माता मोद मनाए मन में, मंगल मंगल है… २. प्रभु ने राजमहल को छोड़ा। भौतिकता से नाता तोड़ा। उत्कट तप में जीवन जोड़ा। उत्सव आया है… ३.

Adinath

Shraddha Se Shish Jhukate,Rishabh Prabhu

श्रद्धा से शीष झुकाते श्रद्धा से शीष झुकाते, हम गाते हैं गुणगान। आदि तीर्थंकर ऋपभ प्रभु का, है पावन अभियान ॥टेकः॥ १. मरुदेवा माता के, नन्दन प्यारे। श्री नाभिराजा के, कुल उजियारे। तुमसे जनता ने पाया, असि मषि कृषि का जो ज्ञान ॥ २. प्रभुवर ने राज्य छोड़ा, ली श्रमण दीक्षा । एक बरस तक,

Mahavir Bhajan

Trishala Nandan Veer Prabhu Ki

त्रिशला नन्दन वीर प्रभु की गौरव गाथा गाएंगे। गुण गरिमामय गीतों से यह रसना सरस बनाएंगे ॥ १. चैत्री शुक्ला त्रयोदशी को पावन जन्म तुम्हारा है। उमड़ पड़ी खुशियां महलों में जब से तुम्हें निहारा है। वर्धमान अभिधान पिता ने दिया स्नेह से प्यारा है शैशव की अनगिन स्वर्णिम घटनाएं स्मृति में लाएंगे ॥ २.

Mahavir Bhajan

Janmotsav Aaya Hai Jan -Man Harshaya Hai,M

जन्मोत्सव आया है, जन मन हरसाया है। आनन्द छाया है, मौसम मनभाया है। मंगल दिन, अनुपम है, प्यारा लगता है। त्रिशला का हर सपना, सबको अच्छा लगता है ॥ १. महलों में बहारें तुमको पाकर, मां आई, हां आई, त्रिशला हरसाई। सूरज ले आया उजाला, हां उजाला, छाई खुशियां, हर मन मतवाला ॥ मंगल दिन…

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