Chaturmas Ke Bad Vidayi (Tarachandji Swami)
(लय- भक्तामर) ① सुरतरू समान् शीतल शासन की ध्छाया । दृढ़ ध्यान योगी तारक पावस है पाया ।। इकमास मौन धारी एकान्त वासी । शासन के गौरव का गौरव आज गाया। ② श्रमशील संत् सुमतिका मार्गदर्शन देवारय श्रमण देते मार्मिक संभाषण आदित्यमुनि ने जनमानस को लुभाया श्रावक समाज सीखा पल-2 प्रबन्धन ③ थी ज्ञान संवर्धनी […]