Mata Ji

Mata Ji, Mata Mataji

Mandir Se Doudi Chali Aaungii

मंदिर से थोड़ी चली आऊंगी कोई दिल से पुकारे पहला संदेसा मेरे राम का आया , रामा का आया धनुषधारी का आया, सीता का रूप धर आऊंगी कोई दिल से पुकारे…. दूजा संदेसा मेरे विष्णु का आया, विष्णु जी का आया चक्करधारी का आया, लक्ष्मी का रूप धर आऊंगी कोई दिल से पुकारे….. तीजा संदेसा […]

Mata Ji, Mataji

Maiya Mujhe Maalum Nahi

देवी गीत ( लय- भगवान तुम्हें मैं खत लिखता) मैया मुझे मालूम नही तुम्हें कैसे सजाया जाता है माथे बिंदिया लगायी जाती है  सिंदूर लगाया जाता है फिर लाल चुनरिया गोट् की तेरे सिर पे औढाई जाती है मैया मुझे मालूम नहीं… एक नथनी पहनाई जाती है और लाली लगायी जाती है फिर लाल चुनरिया

Mata Ji

Badi Aas Lagakar Aaye Hai Tere Dwar Maiya Ji

(लय- तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार)   बड़ी आस लगाकर आये है तेरे द्वार मैयाजी-2  विनती अपने भक्तो की करो स्वीकार मैयाजी बड़ी आस लगाकर आये हैं तेरे दरबार मैयाजी तेरे बालक भोले भाले, तेरी भक्ति में मतवाले -2 पैदल चलकर के आये है ,तेरे द्वार मैया जी2 हे माँ ममता दिखलाओ, अब तो

Beta, Beti, Mata Ji, Pita

Beti

घर की सब चहल पहल है बेटी ।  जीवन में खिला कमल है बेटी !! कभी फागुनी धूप सुहानी कभी चाँदशीतल है बैटी  शिक्षा गुण संस्कार रोप दो फिर बेटो सी सबल है बेटी, दो सहारा  गर विश्वासका तो पावन गंगाजल है बेटी प्रकृति के सद्‌गुण को सीचो तो निर्मल निश्चल है बेटी   क्यों डरते

Mata Ji, Mata Mataji

Mandirwa Me Maiya Baithi

(लय- अंखियों से गोली मारे ) माता रानी का सुन्दर भजन  मंदिरवा में मैया बैठी करके सिंगार हो-2, मंदिरवा में मैया बैठी- मैया के माथे पे बिन्दिया चमके 2 ,टीका के आरे तीरे सिंदुरा हजार हो मंदिरवा में मैया – मैया के कानों में झुमका चमके-2 नथिया के आरे तीरे मोतिया हजार हो- मंदिरवा में

Mata Ji, Mataji

Jab Jab Bhi Inhe Pukara

श्री जगदम्बा वन्दना  (लय- सूरज कब दूर गगन से) जब-जब भी इन्हे पुकारा, माता ने दिया सहारा  ये दूरनहीं है हमसे, बस याद करो इन्हें मनसे  मैया तो हमारी माता है, हम सबका सहारा है। हम से दूर नहीं हैं करती है  रखवाली जिसने किया भरोसा माता ने डोर सम्भाली जो इनके पाँव पकड़ले, ये

Mata Ji, Pita

Ye To Sach Hai Ki Bhagwan Hai

यै तो सच है कि भगवान है है मगर फिर भी अनजान है धरती के रूप  माँ बाप का उस विधाता की पहचान है ①जन्म दाता हैवो जो नाम जिनसे मिला,  थामकर जिनकी अंगुली है बचपन  चला  कंधे पर बेठकर जिनके देखा जहाँ  ज्ञान जिनसे मिला क्या भला क्याबुरा  इतने उपकार है क्या कहे, ये

Guru, Mata Ji, Pita

Milate Soubhagy Se Mata,, Pita Aur Guru

(लय- कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं) माता पिता और गुरु  मिलते सौभाग्य से माता पिता और गुरु उनके उपकार को तुमभुलाना नही  भाव सेवाका मन में भावित रहे उनके दिल को कभी भी दुखाना  नहीं  ① जन्मदाता है वो पालन पोषण करें ज्ञान देकर  जीवन सवारे सदा  मान अभिमान वश उनका अपमान कर बूढी

Mata Ji, Mataji

Ma Sarsvati Mujh Par( Sarsvati Vandana)

(लय- होठो ले छूलो) मां सरस्वती मुझ पर तुम इतनी कृपा करदो मां सरस्वती मुझ पर तुम इतनी कृपा करदो  मेरा गीत बने सुन्दर, मुझको ऐसा वर दो तेरे चरणो के सिवा माँ मै कहा जाऊ  तेरी जो कृपा हो माँ, मैं मीठे भजन गाऊं  जीवों को सुर देंकर, गीतों को अमर कर दो  में

Mata Ji, Mataji

Maiya Teri Mahima Hai Nirali

मैया तेरी महिमा है निराली-2 मैया तेरी महिमा   मैया तेरी-चूनड़ में तारे जड़े है-२ हो हो हो मैया तेरी सूरत है जादू वाली-2 मैया तेरे मन्दिर में पंछी गाये-2 हो-हो हो  मैया तेरे मन्दिर में पंछी गाये कि मोर पपीहा कोयल काली मैया तेरे मन्दिर मन्दिर में फूल खिले है-2  मैया जूही बेला गुड़हल डाली-2

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