Mahapragya Pragya Ke Sagar
यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. (लय : धर्म की लौ जलाएं…) चरणो में शीश झुकाते हैं, महाप्रज्ञ प्रज्ञा के सागर, गौरव गाते हैं । मां बालू की रत्न कुक्षि को, तुमने धन्य बनाया, चौरड़िया परिवार का गौरव, तुमने […]