Terapanth

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Jay -Jay Dharma Sangh Avichal Ho

(संघ-गीत) (लय : अमर रहेगा धर्म हमारा) जय जय धर्म संघ अविचल हो  संघ संघपति प्रेम अटल हो जय जय धर्म ….. ॥ध्रुव ॥ हम सबका सौभाग्य खिला है, प्रभु यह तेरापंथ मिला है। एक सुगुरु के अनुशासन में, एकाचार विचार विमल हो। जय जय धर्म ॥१॥ दृढ़तर सुन्दर संघ संगठन। क्षीर-नीर सा यह एकीपन […]

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Badle Yug Ki Dhara

(लय : नैतिकता की सुर-सरिता) बदले युग की धारा,  नई दृष्टि हो, नई सृष्टि हो अणुव्रतों के द्वारा  बदले युग की धारा ॥ . मानवीय मूल्यों की रक्षा, अणुव्रत का आशय है, आध्यात्मिकता प्रामाणिकता, उसका अमल हृदय है। हिंसा के इस गहन तिमिर में, अणुव्रत एक उजारा ॥  धार्मिक है, पर नहीं कि नैतिक, बहुत

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Lakshya Hai Uncha Hamara

(लय : भाव-भीनी वन्दना) लक्ष्य है ऊँचा हमारा, हम विजय के गीत गाएं।  चीरकर कठिनाइयों को, दीप बने हम जगमगाएं ॥ तेज सूरज-सा लिए हम, शुभ्रता शशि सी लिए हम पवन-सा गति बेग लेकर, चरण ये आगे बढ़ाएं ॥१॥ हम न रुकना जानते हैं, हम न झुकना जानते हैं। हो प्रबल संकल्प इतना, सफल हो

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Aatm Sakshatkar Preksha Dhyan Ke Dwara

(लय : मेरा जीवन कोरा) आत्म-साक्षात्कार, प्रेक्षाध्यान के द्वारा ॥  स्वप्न हो साकार, इस अभियान के द्वारा ॥ १. आत्मना आत्मावलोकन, है यही दर्शन,  अन्तरात्मा में सहज हो, सत्य का स्पर्शन।  क्षीण हो संस्कार, अन्तर्धान के द्वारा ॥ २. मानसिक संतुलन, जागृति और चित समाधि, निकट आती दूर जाती, व्याधि आधि उपाधि ।  प्रेम का

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Prabhu Tumhare Pawan Path Par Jeevan

(लय : चेतन चिदानन्द चरणों में) प्रभो तुम्हारे पावन पथ पर, जीवन अर्पण है सारा। बढ़े चलें हम रुकें न क्षण भी, हो यह दृढ़ संकल्प हमारा ॥ १. प्राणों की परवाह नहीं है, प्रण को अटल निभायेंगे, नहीं अपेक्षा है औरों की, स्वयं लक्ष्य को पायेंगे। एक तुम्हारे ही वचनों का,भगवन प्रतिपल सबल सहारा

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Prabho Ye Terapanth Mahan

(लय : जगाया तुमको कितनी बार) प्रभो ! यह तेरापंथ महान। मिला, मिलेगा जिससे सबको आध्यात्मिक अवदान । प्रभो! यह तेरापंथ महान ॥ १. अर्हत्-वाड्मय का उद्गाता,  जीवन-दर्शन का व्याख्याता,  मानव संस्कृति का निर्माता ।  जिसके कण-कण में मुखरित है,  शाश्वत का संगान ॥ २. अभिनव धर्म-नीति निर्णायक,  सबल संगठन-सूत्र विधायक,  श्रम सेवा समता संगायक।

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Hamare Bhagya Bade Balwan

हमारे भाग्य बड़े बलवान (लय : बना मन मंदिर आलीशान) हमारे भाग्य बड़े बलवान, मिला यह तेरापंथ महान।  करने जीवन का कल्याण, मिला यह तेरापंथ महान ॥ १. भिक्षू ने ढूंढ निकाला, कैसा अमृतमय प्याला। आला धार्मिक जग की शान ॥ २. जो व्यापक बनने आया, है वर्गातीत कहाया। पाया अपना ऊंचा स्थान ॥ ३.

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Sanyam May Jeevan Ho

(लय : चैत्य पुरुष जग जाए) संयममय जीवन हो। नैतिकता की सुर-सरिता में, जन जन मन पावन हो। संयममय जीवन हो। अपने से अपना अनुशासन, अणुव्रत की परिभाषा  वर्ण जाति या सम्प्रदाय से, मुक्त धर्म की भाषा।  छोटे-छोटे संकल्पों से, मानस परिवर्तन हो ॥१॥ मैत्री भाव हमारा सबसे, प्रतिदिन बढ़ता जाएं,  समता, सह-अस्तित्व, समन्वय-नीति सफलता

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Terapanth Ke Heere Moti

(लय : खड़ी नीम के नीचे) तेरापंथ के, हीरे मोती, मैं बिखराऊं गली गली।  ले लो रे गुरुदेव का प्यारा, शोर मचाऊं गली गली। -: अन्तरा :- १. दौलत के दीवाने सुनलो, एक दिन ऐसा आयेगा , धन दौलत और महल मालीया पड़ा यही रह जायेगा, सुन्दर काया मिट्टी होगी, चर्चा होगी गली-गली ॥ ले

Jain Bhajan, Terapanth

Mahima Shasan Ri

(तर्ज: धरती धोरां री) महिमा शासण री… भैक्षव गण री गरिमा भारी।  जागी भाग्य दशा आपांरी।  फूली फूलां स्यूं फुलवारी ॥ १. तुलसी उपवन नै जीणै रो विज्ञान सरसायो।  सिखायो । पार समन्दर जश फहरायो ॥ २. जो भी मर्यादा में चालै।  गुरुवर हाथ पकड़ कर झाले।  पग पग सारा संकट टालै ॥ ३. विनयी

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