Aaya Shubh Avsar Ye Aao Kare Bahuman
(लय-मुझसे जुदा होकर) आया शुभ अवसर ये, आओ करे बहुमान । अभिनंदन वर्षीतप का, गाएं मिलकर गुणगान। । वंदना, तप को मेरी वंदना साधना तप है कठिन साधना 1. वर्षीतप का तप है, तपस्या का रंग चढ़े, भाभी वर्षीतप कर, दो कुल पर कलश चढ़े तू धार सके तो धार, तप है जीवन का सार […]