Author name: Sunita Dugar

Mata Pita

Mujhe Is Duniya Mai Laya

(लय- तुम्हे सूरज कहूं या चंदा) मुझे इस दुनिया में लाया, मुझे बोलना चलना सिखाया  ओ मात पिता तुम्हें वंदन मैंने किस्मत से तुम्हें पाया  मैं जब से जग में आया तबसे दी शीतल छाया   कभी गोदी में सहलाया कभी कांधे पर बिठाया  मेरे सर पर हाथ रखकर बस प्यार ही प्यार लुटाया  मै उठा […]

Adhyatmik, Jain Bhajan, Nirgun, Satsang

Man Ko Shant Banaye Hum

सास सांस पर परमात्मा का ध्यान लगाये हम  किमन को शान्त बनाये हम 1 जीवन है संग्राम इसे जीना सीखे हम  अमृत व विष दोनों को पीना सीखे हम  लाभ अलाभ हर्ष, शोक में सम बन जाए हम  मन को शान्त बनाये हम कि मनको – 2. वर्तमान में जीने का अभ्यास बढ़ाते जाएं 2 

Adhyatmik, Satsang

Yadi Bhala Kisika Kar Na Sako To

आध्यात्मिक  भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का ना करना । पुष्प नहीं बन सकते तो तुम, कांटे बन कर मत रहना ॥ बन ना सको भगवान् अगर, कम से कम इंसान बनो । नहीं कभी शैतान बनो, नहीं कभी हैवान बनो ॥  सदाचार अपना न सको तो, पापों में पग ना

Guru

He Prabhu Gyan Ka Dan Do

(तर्ज- ज़िन्दगी प्यार का गीत है जिसे हर)  हे प्रभु ज्ञान का दान दो, हम सभी की यही वन्दना है दूर दुर्गम सभी तुम करो हम सभी की यही अर्च‌ना है  धर्म रक्षा में हम प्राण दे प् ना अधरमी कभी हम बने  झूठे वैभव को हम त्यागकर ,सर्वदा सत्य वादी बने  नाकभी हम को

Guru

Aasra Ek Tera

(लय- थोड़ा सा प्यार हुआ है थोड़ा सा बाकी) आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा मेरी फरियाद सुनलो SSS -2 देदो कोई किनारा जख्म खाये है इतने घाव कितने गिनाऊ-2   कोई सुनता, नहीं ..जाके किसको सुनाउ  एक तुमपे ही गुरु वर जोर चलता हमारा  आसरा एक तेरा एक तेरा सहारा  टूटी   किश्ती हमारी  टूटे सारे

Adhyatmik, Nirgun, Satsang, Vairagya

Kisi Ke Kam Jo Aaye Use Insan Kahte Hai

आध्यात्मिक भजन किसी के काम जो आये, उसे इन्सान कहते  हैं पराया दर्द अपनाये, उसे इन्सान कहते हैं यह दुनियाँ एक उलझन है, कहीं धोखा कहीं ठोकर।  कोई हँस-हँस कर जीता है, कोई जीता है रो-रोकर ॥  जो मुश्किल में ना घबरायें, उसे इन्सान कहते हैं। अगर गलती रुलाती है, तो राहें भी दिखाती है। 

Adhyatmik, Kabir, Nirgun, Satsang, Vairagya

Jindagi Pyar Ka Geet Hai

(लय – -जिंदगी प्यार का गीत है ) जिंदगी प्यार का गीत हैं.  हर दिल को गाना पड़ेगा  जिंदगी गमका सागर भी है हंसके उस पार जाना पड़ेगा जिसका जितना हो आचंल यहाँ पर   उसको सौगात उतनी मिलेगी  फूल जीवन में गर ना मिले तो  काँटो से निभाना पड़ेगा है अगर दूर  मन्जि ल तो

Bhikshu Swami

Kelawa Ke Yogi Tere Nam Ka Sahara Hai

केलवा के योगी तेरे नाम का सहारा है  नैया मझधारा में  है दूर किनारा है  तेरे ही हवाले अब जीवन हमारा है।।   मरूधर की माटी की ये अजब निशानी है  भिक्षु की जीवन गाथा प्रेरक कहानी है। देश में परत‌न्त्रता का हो गया प्रवेश था।  शिथिल विचारों से धर्म निस्तेज था?  मारवाड़ी भूमि से वही

Bhikshu Swami

Om Bhikshu Om Bhikshu Japo Sada

(लय- परदेशी परदेशी ) ॐभिक्षु ऊं भिक्षु  जपो सदा-२ चाह फले मुक्ति मिले है नाम मंगल कारी विघ्न बाधा हारी  विघ्न बाधा हारी इसने लाखो नैया तारी ऊं भिक्षु ऊं भिक्षु जपो सदा-२  असहायों का भिक्षु नाम सहारा है।  घोर अमा में करता-दिव्य उजारा है  ॐ भिक्षु पंगु को पहाड़ चढ़ाता है  मूक मनुज को

Bhikshu Swami

Ud Ud Re Man Dev Lok Me

 (लय- उड़ उड़ रे म्हारा काला रे कांगला) उड उड रे -३मन देवलोक में ,भिक्षु रा दरशण कर आवा-२ १.गाँव कंटालिये म अवतरियो ,ज्ञान सुधास्यू घटने भरियो सुधरी स्यू निज पथ न वरियो, उण पथ म्हे चलता जांवा भिक्षु रा दरशण कर आवा-२  ② आगम ने आधार बणायो शुद्ध साध रो रुप जणायो  तेरा पंथ

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